पक्षी विहार में कलरव करते पक्षी
- फोटो : Amar Ujala
पक्षी विहार जलेसर में इन दिनों मेहमान परिंदों का मेला लगा है। विदेशी पक्षियों के प्रवास से इन दिनों पटना पक्षी विहार गुलजार है। कल-कल बहते पानी और विदेशी खगों का कलरव...यहां आने वाले मन मोह रहा है। पर, व्यवस्थाएं नहीं होने से पर्यटकों की आमद कम है। जो आते भी हैं, जल्दी लौटने को विवश होते हैं।
जिले के एकमात्र पर्यटन स्थल पटना पक्षी विहार में सर्दी बढ़ने के साथ प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों का मेला लगने लगता है। इस समय विशेषज्ञों का अनुमान है कि यहां दो लाख सेज्यादा पक्षी आ चुके हैं। बता दें कि इस साल पक्षी विहार प्रशासन ने झील को दुरुस्त कराया है। पानी से लबालब झील के कारण ही इस दफा प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों की भीड़ बढ़ी है।
हालांकि इनकी सुरक्षा के यहां कोई इंतजाम नहीं हैं। झील के चारों ओर न तो बाउंड्रीवाल है और नहीं कांटेदार बाड़। जिसका फायदा स्थानीय ग्रामीण, किसान उठा रहे हैं। वहीं जानवर भी खुलेआम घूमते रहते हैं। इससे प्रवासी पक्षियों को दिक्कत होती है।
इधर, इन मन मोह लेने वाले मेहमान परिदों का कलरव सुनने को पर्यटकों की आमद भी कम है। ऐसा यहां की अव्यवस्था के कारण है। सुरक्षा, परिवहन, ठहरने के प्रबंध आदि बुनियादी सुविधाएं नहीं होने से आने वाले लोग भी जल्द लौटने को परेशान रहते हैं।
समस्या समाधान के प्रयास जारी
पटना पक्षी विहार के वन क्षेत्राधिकारी बिहारीलाल ने बताया कि शासन और वन विभाग द्वारा पक्षी विहार के विकास हेतु पर्याप्त मात्रा में धन उपलब्ध न हो पाने के कारण विकास कार्य ठीक से नहीं हो सका है। इसके प्रयास जारी हैं।
राजहंस नहीं आने से रौनक कम
यूं तो पटना पक्षी विहार में लाखों पक्षी पहुंचे हैं, लेकिन राजहंस के नहीं आने से अभी रौनक कम है। पर्यटकों को राजहंस के आने का इंतजार है।