एटा। अलीगंज में पांच दिन पहले सर्राफ से जेवरात और नगदी लूटने का आरोपी बदमाश वीरेंद्र मंगलवार की शाम पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। वह मैनपुरी का रहने वाला था। पिलुआ थाना क्षेत्र में सुन्ना नहर के पास चेकिंग के दौरान उसने बाइक नहीं रोकी और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दो गोलियां लगने से वह घायल हो गया। एटा के मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। मुठभेड़ में सिपाही सत्यपाल भी घायल हुआ है। वीरेंद्र हिस्ट्रीशीटर था। उस पर 53 मामले दर्ज थे। 25 अक्तूबर को अपर पुलिस महानिदेशक आगरा ने एक लाख का इनाम घोषित किया था।
एसएसपी डॉ. इलामारन ने बताया कि 22 अक्टूबर को अलीगंज के गांव पुराहार निवासी सर्राफ से संजय यादव से बाइक सवार तीन बदमाशों ने तमंचा दिखाकर लूट की थी। बदमाश सोने-चांदी के जेवरात और नकदी से भरा थैला लूट ले गए थे। सीसीटीवी और सर्विलांस की जांच में लूट में वीरेंद्र निवासी गांव हरचंदपुर कोतवाली मैनपुरी का नाम प्रकाश में आया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। लूट में नीले रंग की अपाचे बाइक का इस्तेमाल किया गया। यह बाइक उन्नाव से चोरी की गई थी। मंगलवार शाम करीब छह बजे सुन्ना नहर के पास पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। मेडिकल कॉलेज में उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसकी पहचान वीरेंद्र के रूप में हुई। फायरिंग में सिपाही सत्यपाल भी घायल हुआ है। उसके हाथ में गोली लगी है।
बदमाश के सिर और सीने में लगी गोली
रात में ही बदमाश वीरेंद्र शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि उसके सिर और सीने के दो गोलियां लगी है। उसी के चलते वीरेंद्र की मौत हो गई।