एटा। जिले में नियमित टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। खासकर उन बच्चों पर ध्यान दिया जा रहा है जो टीकाकरण से वंचित हैं। विशेष टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण 11 सितंबर से शुरू हो रहा है। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) इसके लिए आगे आया है। इसके तहत निजी चिकित्सक भी टीकाकरण में सहयोग करेंगे।
जिले में टीकाकरण की स्थिति सही नहीं है। बड़ी संख्या में ऐसे परिवार भी हैं जो बच्चों का टीकाकरण नहीं करा रहे हैं। अगस्त माह में विशेष टीकाकरण अभियान चला था। इस दौरान 80 प्रतिशत बच्चों के ही टीका लग पाया था। जिले में 17696 बच्चों के सापेक्ष 15409 बच्चों को टीका लगा था। लखनऊ से टीकाकरण की विशेष निगरानी के लिए निर्देश स्वास्थ्य अधिकारियों को मिले हैं। अब विशेष टीकाकरण अभियान का द्वितीय चरण 11 सितंबर से शुरू हो रहा है।
इसको लेकर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.राम सिंह ने आईएमए के चिकित्सकों के साथ बैठक की। इस दौरान टीकाकरण में सहयोग करने की अपील की। जहां आईएमएए के चिकित्सकों ने आश्वस्त किया कि वह पूरा सहयोग करेंगे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि द्वितीय चरण के अभियान को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बच्चों को टीका अवश्य लगवाएं। क्योंकि टीका बच्चों को कई जानलेवा बीमारियों से बचाता है।
1010 परिवार कर रहे हैं विरोध
जिले में टीकाकरण की बात की जाए तो अभी भी 1010 परिवार ऐसे हैं जिनके बच्चों को टीका नहीं लगा है। यह परिवार टीका बच्चों को लगाने का विरोध करते हैं। ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रयास न किया जा रहा हो। टीम लगातार इनके घर जाती है। अब द्वितीय चरण में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पूरा फोकस इन परिवार के बच्चों पर ही है।