एटा। मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में लापरवाही बरती जा रही है। यहां गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई है, लेकिन वर्तमान में वह धूल खा रही है। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर ताला लगा हुआ है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में हर रोज 150 से अधिक महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। इसमें 50 से अधिक महिलाएं गर्भवती होती हैं। उनकी जांच के लिए चिकित्सक अल्ट्रासाउंड के लिए कहते हैं। यहां अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा है। इसकी वजह से मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर अल्ट्रासाउंड कक्ष में जाने को मजबूर होना पड़ता है। यहां पर अन्य मरीजों के भी अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। इसकी वजह से यहां भीड़ रहती है। इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को यहां 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।
अल्ट्रासाउंड के लिए आए थे। यहां पर काफी भीड़ होने से इंतजार कर रहे हैं। दूसरी मंजिल पर गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। वहां पर ताला लगा रहता है। - गुलशन, एमपी नगर
गायनिक विभाग में अल्ट्रासाउंड नहीं कराया जाता है। इससे गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। वहां पर भीड़ रहती है। ऐसे माहौल में गर्भ को खतरा भी रहता है। - अर्चना, शीतलपुर
मेडिकल कॉलेज के स्त्री और प्रसूति विभाग में अल्ट्रासाउंड कक्ष इमरजेंसी के लिए है। चिकित्सक अपनी सुविधा के अनुसार यहां पर गर्भवती का अल्ट्रासाउंड कराते हैं। - डॉ. बलवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
गुलशन
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