एटा। गांव भगीपुर में बंदर की घुड़की से डरकर दो बालक गिर गए। इनमें से एक की हालत नाजुक है। इसका मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार चल रहा है। दूसरे को कम चोट आई है।
कोतवाली नगर क्षेत्र में स्थित गांव भगीपुर निवासी रमेश ने मेडिकल कॉलेज में बताया कि 10 वर्षीय बेटा छोटू शुक्रवार देर शाम छत पर खेल रहा था। उसके साथ मोहल्ले का ही 10 वर्षीय अंश भी था। खेलते समय अचानक से बंदरों का झुंड छत पर आ गया। इसकी वजह दोनों बालक डरकर भागने लगे। घबराहट में दोनों एक साथ छत से नीचे गली में आ गिरे। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को उठाया।
इसके बाद परिजन लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी आए। यहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद अंश को घर भेज दिया। गंभीर रूप से घायल छोटू को मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। परिजन का आरोप है कि कई बार प्रधान, सचिव और अधिकारियों से शिकायत की मगर बंदर पकड़वाने के लिए कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह से आए दिन कोई न कोई घटना हो रही है।
बंदर के हमले में मासूम बालिका घायल
राजा का रामपुर। कस्बे के मोहल्ला कछपुरा में शनिवार को बंदर के हमले से नीरज शाक्य की चार वर्षीय बेटी अन्वी घायल हो गई। जमीन पर गिरने से उसके चार दांत टूट गए। चीख सुनकर परिजन के आने पर बंदरों के चंगुल से उसे बचाया जा सका। बंदरों का उत्पात कस्बे में दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। करीब दस दिन पहले बंदरों ने जोर-जोर से हिलाकर बिजली के खंभे को गिरा दिया था। आबादी क्षेत्र में बंदरों की टोली आने पर घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूल के आने और जाने के समय बच्चों पर हमला करने का खतरा रहता है। बंदर उत्पात मचाकर खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं, इससे किसान परेशान हैं। नगर पंचायत के ईओ कृष्णकांत सरल ने बताया कि शीघ्र ही पिंजरे की व्यवस्था कर बंदरों को पकड़कर सुरक्षित जंगल में पहुंचाया जाएगा।