कासगंज। नहर में दो सगे भाई डूब गए। दोनों का कुछ पता नहीं लग सका है। एक अन्य साथी सुरक्षित बाहर निकल आया। दोनों भाइयों के डूबने से साथ में आए परिवारीजनों और साथियों में शोक की लहर दौड़ गई।
दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके के रहने वाले जगदीश पुत्र करन सिंह, उसका पुत्र अरमान, पत्नी सीमा, बहन कुसुम, अनिल पुत्र मुकेश, पत्नी मंजू, भाई मनोज व भतीजी गुनगुन, कालू पुत्र बनवारी एवं संगम विहार निवासी अंकित पुत्र बनवारी किसी काम से अमांपुर आए थे। रविवार सुबह लगभग 10 बजे अमांपुर से दिल्ली लौटते समय हजारा नहर पर मनोज (26) ने चालक देवेंद्र से गाड़ी रुकवाकर स्नान के बाद पूजा करने की इच्छा जाहिर की। गाड़ी रुकने पर मनोज नहर में नहाने चला गया। नहाते समय जब वह डूबने लगा तो उसका बड़ा भाई अनिल (30) उसे बचाने के लिए नहर में उतर गया। वह भी डूबने लगा।
यह देख साथ में आए अंकित पुत्र अंतराम निवासी संगम विहार दिल्ली उन्हें बचाने के लिए नहर में उतर गया, लेकिन वह उन्हें नहीं बचा सका। इस बीच उसका पैर गड्ढे में फंस गया। काफी प्रयास के बाद वह सुरक्षित बाहर निकल आया। देर शाम तक दोनों भाइयों का कुछ पता नहीं चल सका। हादसे की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई।
दो साल पहले ही हुई थी अनिल की शादी
कासगंज। नहर में डूबने वाले अनिल की शादी दो साल पहले ही मंजू के साथ हुई थी। उनके कोई संतान नहीं थी। छोटे भाई मनोज की शादी नहीं हुई थी। इनका एक और बड़ा भाई भी है, लेकिन वह साथ में नहीं आया था। उसकी पुत्री गुनगुन आई थी।
पुलिस बनी रही उदासीन
नहर में दो भाइयों के डूबने के मामले में पुलिस उदासीन बनी रही। दोनों भाई सुबह 10 बजे नहर में डूबे थे। लगभग दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने नहर में दोनो ंभाइयों की तलाश के लिए कोई प्रयास नहीं किए। साथ में आए लोगों ने जब पुलिस से उनकी तलाश कराने को कहा तो पुलिसकर्मी कहने लगे कि अब तो 24 घंटे इंतजार करना पडे़गा। जब शव फूल जाएंगे तभी बाहर निकाला जा सकता है।
मोबाइल से दिल्ली दी हादसे की जानकारी
कासगंज। हादसे के बाद अनिल की पत्नी मंजू का बुरा हाल था। उसने दिल्ली रहने वाले अपने परिवारीजनों को मोबाइल के माध्यम से हादसे की जानकारी दी।