थाना नयागांव पुलिस ने बुधवार रात मुठभेड़ के दौरान सराय रोड नौली चौक से दो ईनामी सहित पांच बदमाशों को पकड़ा। इनके कब्जे से चार तमंचा, एक एसबीबीएल, पंद्रह कारतूस और एक गाड़ी बरामद की है। पकड़े गए बदमाश जिले के साथ पड़ोसी जिलों में भी लूट की वारदात करते हैं। इन पर कई मामले दर्ज हैं।
एएसपी विसर्जन सिंह यादव ने प्रेस वार्ता में बताया कि मंगलवार रात थानाध्यक्ष नयागांव जगपाल सिंह ने अपनी टीम के साथ पांच बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान पकड़ा। यह बदमाश सूमो गोल्ड गाड़ी से अलीगंज से सराय लूट के इरादे से जा रहे थे। मगर पुलिस ने लूट से पहले इनके मंसूबाें पर पानी फेर दिया। पूछताछ में बदमाशों ने अपने नाम हरिओम निवासी महाराजपुर थाना जशरथपुर, अजेंद्र निवासी जशरथपुर, विजय उर्फ ललैया उर्फ अंकित निवासी कैला, अरविंद निवासी नगला सबल थाना नयागांव, बृजेश निवासी मुरैठी थाना शमसाबाद फर्रुखाबाद बताया है। बदमाशों से ग्यारह सौ ग्राम नशीला पाउडर भी बरामद हुआ है। एएसपी ने बताया कि हरिओम पर छह मुकदमे जिसमें पांच लूट के पांच, एक चोरी का दर्ज है। विजय पर बलात्कार, लूट तथा अजेंद्र पर दस मुकदमे जिसमें दो जान से मारने की नियत से फायर करने के मामले हैं। बताया कि यह बदमाशों के आगरा के बदमाशों से भी संपर्क है। आगरा के बदमाशों के साथ मिलकर लूट करते हैं। हाल में ही मैनपुरी के भोगांव में आगरा के बदमाशों के साथ मिलकर लूट का प्रयास किया था, मगर सफल नहीं हो सके थे। बदमाशों का इतिहास पुलिस जुटा रही है।
हरिओम पहली बार चढ़ा पुलिस के हत्थे
थानाध्यक्ष नयागांव जगपाल सिंह ने बताया कि हरिओम पर दस हजार का ईनाम है। इसने कई लूट की घटनाओं को अंजाम दिया, मगर कभी भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। पुलिस ने पहली बार इस बदमाश को पकड़ा। इसने वनस्पति से भरा ट्रक, बर्तन से भरा कैंटर, बिजली सामान से भरा ट्रक सहित कई लूट की थी। विजय पर पुलिस ने पांच हजार का ईनाम घोषित कर रखा था।
शेट्टी के बाद हरिओम ने संभाली थी कमान
एएसपी ने बताया कि बदमाश शेट्टी निवासी भोगांव मैनपुरी पहले गैंग का सरगना था, मगर उसके जेल जाने के बाद हरिओम ने जगह ले ली थी। साथियों के साथ मिलकर ट्रक, ट्रैक्टर लूटते थे, बाद में अच्छे दामों में बेंच देते थे।
चर्चित करोड़ों की लूट का भी आरोपी शामिल
कायमगंज निवासी एक बड़े उद्योगपति पिक्कू लाला के यहां बदमाश अजेंद्र ने लूट की थी। इनके गोदाम से बोरो में भरकर करोड़ों लूटकर लाया था। बदमाश लूट के लिए रात को अरविंद की गाड़ी का प्रयोग करते हैं। सुबह गाड़ी को एकांत जगह पर छिपा देते थे।