जलेसर। क्षेत्र के गांव मकसूदपुर में बृहस्पतिवार की दोपहर को खेतों में कटी रखी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आंखों के सामने फसल को जलता देख किसान और उनके परिजन फूट-फूटकर रोते रहे। फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर आग पर काबू पाया जा सका।
मकसूदपुर गांव में बृहस्पतिवार की दोपहर को खेतों से उठता धुएं का गुबार और आग की लपटें देख भगदड़ मच गई। ग्रामीणों के एकत्रित होनेे तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों के बुझाने का प्रयास करने के बाद भी आग हवा के साथ तेजी से खेत में रखी कटी फसल में फैलती जा रही थी। 15 बीघा कटी फसल के जलने के बाद आग खेत में खड़ी गेहूं की सूखी फसल में फैल गई। आग फैलने पर गांव में हा-हाकार मच गया।
इससे प्रभावित किसान और उनके परिजन बिलख-बिलखकर रो रहे थे। सूचना पर फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर आग पर काबू पाया जा सका। घटना की जानकारी पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने को नुकसान का आकलन किया है।
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आग में छह किसानों की फसल जलकर राख
मकसूदपुर में लगी आग में बीस बीघा गेहूं की फसल जलने से छह परिवार प्रभावित हुए हैं। इनमें इलियास अली, नियाज मोहम्मद, प्रवेश, रियाज मोहम्मद, आजम अली, रज्जाक शामिल हैं। इस आगजनी में आर्थिक नुकसान से ज्यादा भावनाओं का नुकसान है। फसल से भावना जुड़ी होने के कारण पीड़ित किसानों के परिजन बिलख-बिलखकर रो रहे हैं।
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आग के कारण का पता लगाने में जुटी पुलिस
आग के कारण को लेकर गांव में काफी चर्चा है। आग लगने का कारण स्पष्ट न होने पर गांव के लोग संशय में हैं, कुछ लोग इसको किसी की शरारत मान रहे हैं या फिर किसी के सुलगती सिगरेट-बीड़ी फेंकने पर हादसा मान रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि इस मौसम में सभी को मालूम है कि खेतों पर सूखी फसल रखी है तो लोगों को खेतों पर सिगरेट-बीड़ी से परहेज करना चाहिए। थाना पुलिस आग लगने के कारण पता लगाने का प्रयास कर रही है।