गुरुवार को फाल्गुन की पूर्णिमा पर घर-घर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। लोगों ने इस दौरान होलिका पूजन भी किया। पूरे विधिविधान के साथ होलिका दहन कहीं गुरुवार की शाम को हुआ तो कहीं शुक्रवार की भोर को किया गया। होली पर बाजारों में भी रौनक देखी गई। शहर की सड़कों पर होली के हुरियारों की टोली घूमती नजर आई।
पर्व को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया। लोगाें ने घरों में विशेष पूजा अर्चना के साथ होलिका पूजन भी किया। इसके बाद देर शाम कई जगह होलिका दहन किया गया। कहीं-कहीं शुक्रवार की भोर को होलिका दहन हुआ। पर्व को लेकर शहर में दिनभर भीड़ भाड़ रही। धूल वाले दिन होली खेलने के लिए युवा तैयारियां करते दिखे। सड़काें पर होली का हुड़दंग देखा गया। बच्चे क्या बड़े सब होली के रंग में रंगे नजर आए। शुक्रवार को हर जगह होली की धूम मचेगी। लोग एक-दूसरे के घर जाकर होली की शुभकामनाएं देंगे और रंग गुलाल उड़ाएंगे।
यात्रियों के आगे वाहन भी पड़े कम
गुरुवार को लोग बसों की छत पर या पीछे लटके हुए यात्रा करते दिखाई दिए। वहीं रोडवेज विभाग द्वारा दिल्ली की ओर ज्यादा से ज्यादा बसों का संचालन के दावे भी फैल होते नजर आए। होली से पहले रोडवेज ने एटा से दिल्ली के लिए 80 से अधिक बसों के संचालन करने की तैयारी की थी। विभाग के अनुसार विभाग इतनी बसों का संचालन कर भी रहा है, लेकिन यात्रियों की संख्या अपेक्षा से अधिक होने के कारण बसों में यात्री छत पर व लटकते हुए यात्रा करते नजर आए। सबसे बुरा हाल शहर से सहावर, गंजडुंडवारा, कासगंज, शिकोहाबाद जाने वाले यात्रियों का रहा। यहां दिन भर यात्रियों के लिए वाहनों की कमी रही।
नाच गानों के साथ चियर्स की भी तैयारी
शुक्रवार को धूल के दिन युवाओं ने डीजे-ढोल आदि की व्यवस्था पहले से ही कर रखी है। इसके अलावा लोग चियर्स भी करेंगे। शुक्रवार को शराब बंदी के चलते लोगों ने इसका एक दिन पहले ही स्टॉक कर लिया है। इन इंतजाम के बाद युवा शहर में धमाल मचाएंगे।
होली खेलते समय नेचुरल कलर का ही प्रयोग करें। इसके लिए गुलाल उपयुक्त है। पानी में घोले जाने वाले रंग केमिकल युक्त होते हैं। यह त्वचा को सीधे प्रभावित करते हैं। इससे बचने के लिए त्वचा पर सरसों का तेल लगा लें।
- डॉ. पवन मिश्रा, फिजीशियन