एटा। अलग-अलग स्थानोें पर महिला सहित 3 लोगों ने फंदा लगा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए। चिकित्सक ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। महिला के भाई ने बहनोई व अन्य ससुरालीजन पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
कोतवाली देहात के गांव दूल्हापुर निवासी मोनू वर्मा ने बताया कि बहन शशि (26) का विवाह लगभग 3 वर्ष पूर्व गांव करसरी थाना ढोलना जिला कासगंज निवासी शिवकुमार के साथ किया था। उस समय विवाह में सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज व गृहस्थी का सामान भी दिया था। बहनोई की पेंट्स की दुकान थी। धीरे-धीरे उसको इन लोगों ने बंद कर दिया तो शिवकुमार बेरोजगार हो गए। खर्चा चलाने के लिए बहन से अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे।
मना करने पर आए दिन मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इसकी जानकारी कई बार बहन ने फोन कॉल के माध्यम से दी।
इसके बाद लगभग 1 माह पूर्व बहन को घर ले आए। यहां वह आराम से रह रही थी। इसी बीच शिवकुमार कॉल करके फिर से परेशान करने लगे। इसी वजह से सोमवार को सुबह के समय शशि ने कमरे के अंदर जाकर दुपट्टे का फंदा बनाया और लटक गई। हम लोगों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें फंदे से उतारा और मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए। मौत की पुष्टि हाेने पर शव को घर ले गए। बाद में पोस्टमार्टम कराने के लिए मोर्चरी लेकर आए।
सीओ सिटी राजेश सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर ही मौत का सही कारण पता लग सकेगा। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा निधौली कलां थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर निवासी खुशी (15) की घर पर किसी कारण परिजन से कहासुनी हो गई। इसी वजह से उसने सोमवार की सुबह गुस्से में आकर चुन्नी से फंदा लगा लिया। जानकारी हुई तो परिजन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर आए। मिरहची थाना क्षेत्र के गांव अचलपुर निवासी शिखा (15) ने रविवार को फंदा लगाकर जान दी।
परिजन ने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि शिखा मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। इसी बीच रविवार को उसकी मौत हो गई। कारण जानने के लिए सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में फंदा लगने से मौत होना आया है। थाना प्रभारी नीतू वर्मा ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है मिलती है तो प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सीओ सदर संकल्पदीप कुशवाहा ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।