एटा। पूरे नवंबर माह में यातायात माह चला और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्रवाई भी हुई। इसके बावजूद लोग नहीं सुधरे। एक ओर जागरूकता कार्यक्रम चलते रहे, दूसरी ओर हादसों में लोगों की जान जाती रहीं। महीने में हुए विभिन्न सड़क हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 90 लोग घायल हो गए।
लोगों को जागरूक करने के लिए पूरे नवंबर माह में यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। नियमाें का उल्लंघन करने पर 30 नवंबर तक कुल 4237 वाहनों के चालान काटे गए। इनसे समन शुल्क के रूप में 45.82 लाख रुपये वसूले गए। इसी दौरान एक माह में हुए सड़क हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई और 90 लोग घायल हुए हैं। जिससे साफ पता चलता है कि लोग नियमों को लेकर लापारवाही बरत रहे हैं।
यातायात प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम चलाए गए। तिराहों-चौराहों पर और विद्यालयों में जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके बाद भी लोग नहीं समझ रहे हैं और लगातार नियमों का उल्लंघन करते दिखाई दे रहे हैं। सबसे ज्यादा चालान बिना हेलमेट, तीन सवारी, बिना सीटबेल्ट और ड्रिंक एंड ड्राइव के काटे गए हैं।
जिले में अधिक दुर्घटना वाले7 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन सभी पर नए संकेतक लगाए गए हैं। जिससे कि लोगों को सावधान किया जा सके और होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सके। शहर के प्रमुख तिराहों व चौराहों पर स्पीड ब्रेकर की पेंटिंग की गई है। जिससे कि लोग इन स्थानों पर धीमी गति से चलें।