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Etah News: एआरटीओ कार्यालय में बना ट्रैक नहीं हो सका सही

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एटा। चालकों की परीक्षा को लिए एआरटीओ कार्यालय पर परीक्षण ट्रैक बनाया गया है। जिससे कि पता चल सके जो व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रहा है, वह गाड़ी चला भी पाता है या नहीं। कार्यालय के अधिकारियों का उदासीनता कहें या फिर अनदेखी, यह ट्रैक ही कई जगह से टूटा पड़ा है। इस पर वाहन चलाने वाले के साथ कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
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एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन 150 से 200 लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आते हैं। जिसमें से कुछ लोग आवेदन के बाद ऑनलाइन परीक्षा देते हैं तो कुछ वाहन चलाकर दिखाते हैं। इसके लिए कार्यालय परिसर में ही एक पक्का सीमेंटेड ट्रायल ट्रैक बनाया गया है। अधिकारी की उपस्थिति में चालक इसी ट्रैक पर वाहन चलाकर दिखाते हैं। गाड़ी सही तरीके से चलाकर दिखाने के बाद पास होने पर ही आगे की प्रक्रिया की जाती है।
ट्रैक के किनारे लगी हुई ईंटे उखड़ जाने के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है। परीक्षण लेने वाले जिम्मेदार लोग आंखें बंद करके बैठे हुए हैं। ट्रैक पर ट्रायल देकर आए राजेश ने बताया कि ट्रैक की स्थिति काफी खराब है। जिसको देखकर ही गाड़ी चलाने में डर लगता है। चालक ट्रायल देते समय दुर्घटना का शिकार भी हो सकता है। इस ओर किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है। जबकि चालक से नियमों का पालन कराने और सही तरीके से गाड़ी चलाने की उम्मीद करते हैं।
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इस टूटे हुए ट्रैक पर गाड़ी चलाने में डर लगता है, बड़ी सावधानी भी बरतनी पड़ती है। इसके किनारे लगी हुई ईंटे हट जाने के कारण गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा बना रहता है। -प्रशांत कुमार, जीटी रोड
ट्रैक की बाहरी किनारी टूट जाने के कारण गाड़ी चलाते समय बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत है। चार पहिया वाहन चलाते समय गाड़ी के ट्रैक से नीचे उतरने का डर बना रहता है। -अवनीश कुमार, नगला भजा
चुनावी व्यस्तता के कारण काम शुरू नहीं हो सका। यहां स्लॉट के आधार पर ही ट्रायल लिया जाता है। जल्द ही ट्रायल ट्रैक को सही कराने का काम शुरू कराया जाएगा। -सतेंद्र कुमार, एआरटीओ
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