उत्तर प्रदेश के एटा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। लेकिन, व्यवस्थाएं कागजों में ही सिमटकर रह गई हैं। मारहरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सींय में दो साल से शौचालय पर ताला लगा है। जबकि गांव की महिलाएं व बालिकाएं खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं।
गांव के पश्चिम दिशा में शौचालय का निर्माण कराया गया है। लंबे समय से ताला लगा होने के कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। यही वजह है कि महिलाओं, बालिकाओं को खेतों में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। शौचालय के निर्माण से लेकर सबमर्सिबल पंप लगाने में लाखों रुपये खर्च किए गए थे।
वर्तमान में सबमर्सिबल का पाइप टूटा पड़ा है, इसकी वजह से पानी की सप्लाई बाधित है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दिनों हुई भारी बारिश के दौरान भी शौचालय नहीं खोला गया। लोगों को जलभराव व बरसात के बीच खेतों में शौच के लिए जाना पड़ा।
विचित्र सिंह ने बताया कि सामुदायिक शौचालय बनाया गया तो काफी खुशी हुई थी। लेकिन, इसका लाभ नहीं मिल रहा है। दो साल से ये बंद पड़ा है। महिलाओं को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ओमवती देवी ने बताया कि शौचालय में पानी वाला पाइप टूटा है, इसकी वजह से पानी भी नहीं जाता। दो साल से ताला लगा है। कोई भी देखरेख करने वाला नहीं है और न सफाई होती है। सब कागजों में चल रहा है।
एडीओ पंचायत दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि सामुदायिक शौचालय के बंद रहने का मामला अति गंभीर है। बंद रहने की क्या वजह है, इसकी जांच कराई जाएगी और चालू कराया जाएगा ताकि लोगों को लाभ मिल सके। मुझे एक माह पहले ही ब्लॉक का चार्ज मिला है।