एटा। जिला पंचायत चुनाव के लिए जारी की गई आरक्षण सूची में बदलाव हो सकता है। अधिकारियों ने भी स्वीकारा कि आरक्षण व्यवस्था पूरी तरह से दुुरुस्त नहीं है। ग्राम पंचायत फतेहपुरा पहली बार ग्राम पंचायत बनी है, इसे एससी के लिए आरक्षित कर दिया गया था। ऐसे ही अनेक उदाहरण हैं। वहीं आरक्षण सूची पर दूसरे दिन 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर दो मार्च को ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत की आरक्षण सूची जारी की गई जिसके बाद विकास भवन में दावे-आपत्तियां आने लगी हैं। ज्यादातर आपत्तियां ग्राम प्रधान पद के आरक्षण को लेकर आ रहीं हैं। ग्राम प्रधान चुनाव को लेकर ग्राम पंचायत में सबसे ज्यादा हलचल है। कोई कह रहा है कि ग्राम पंचायत में एक घर अनुसूचित जाति का होने पर आरक्षण ही अनुसूचित जाति का कर दिया गया है।
1995 में हर चार घंटे बाद बदला था आरक्षण
सीडीओ अजय प्रकाश ने बताया कि इससे पहले भी साल 1995 में आरक्षण सूची को लेकर हर चार घंटे बाद शासन स्तर से बदलाव किया गया था। जिससे जिला पंचायती राज विभाग के अधिकारी हलकान हो गए थे। इस बार भी संभावना है कि आरक्षण सूची में बदलाव किया जा सकता है।
लगातार पांच बार अनारक्षित होने के बाद भी नहीं बदलाव
विकास खंड शीतलपुर की ग्राम पंचायत सहसपुर बरौली में पिछले पांच साल से ग्राम प्रधान की सीट अनारक्षित है। वहीं इस साल भी सीट अनारक्षित कर दी गई है। इस पर ग्राम प्रधान गुड्डी देवी ने आपत्ति दर्ज कराई है।