एटा। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सीएम फेलोशिप आकांक्षी ब्लॉक योजना संचालित की जा रही है। इसमें जिले के तीन ब्लॉकों को शामिल किया गया है, जो अति पिछड़े थे उनके उभारने का प्रयास किया जा रहा है। इनके विकास का रोडमैप तैयार करने के लिए 50 पैरामीटर तय किए गए हैं। सीएम फेलोशिप आकांक्षी ब्लॉक योजना में सकीट, अवागढ़ और जैथरा को शामिल किया गया है। दो ब्लॉक को नीति आयोग की तरफ से अवागढ़ और जैथरा को गोद लिया गया है। जबकि सकीट प्रदेश सरकार की ओर से गोद लिया गया है। इन ब्लॉक की निगरानी सीधी मुख्यमंत्री की ओर से की जा रही है। तीनों ही ब्लॉकों में सीएम फेलो की तैनाती की गई है। अवागढ़ में साधना कुमारी, जैथरा में श्वेता सिंह और सकीट में दिनेश सिंह को तैनात किया गया है। तीनों ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और पैरामीटरों की रिपोर्ट भेजते हैं, जिससे ब्लॉकों का पिछड़ापन उभारा जा सके।
इसके साथ ही रूट लेवल पर योजनाओं की हकीकत का पता लगाने और जमीनी पड़ताल के आधार पर बेहतरी के सुझाव हासिल करने का भी काम किया जाता है। बता दें कि प्रदेश की 100 आकांक्षी (पिछड़ी) ब्लॉकों हैं, इनमें में जिले के तीन ब्लॉकों को शामिल किया गया है।
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इन पैरामीटरों को पूरा करने के लिए हो रहा है काम
सीएम फेलोशिप के लिए कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायतीराज एवं संबद्ध क्षेत्र वन, पर्यावरण एवं जलवायु, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण एवं कौशल विकास ऊर्जा, पर्यटन एवं संस्कृति, डाटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आइटी, आइटीईएस, जैव प्रौद्योगिकी, मशीन लर्निंग डाटा गवर्नेंस बैंकिंग, वित्त एवं राजस्व, लोक नीति एवं गवर्नेंस सेक्टर आदि 50 पैरामीटरों को शामिल किया गया है। आकांक्षी ब्लॉकों के लिए सीएम फेलोशिप योजना से सरकार की नीति, प्रबंधन, क्रियान्वयन, अनुश्रवण के कार्यों में सहभागिता के साथ पूरा करना है।
सरकारी योजनाओं के संचालन की चुनौतियों को करते हैं दूर
योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों के निराकरण तथा योजनाओं से जनमानस को लाभ पहुंचाने के लिए सीएम फेलोशिप के सदस्यों की ओर से सुझाव भी लिए जाते हैं। साथ ही योजना से संबंधित नीति निर्धारण योजना संरचना एवं योजना के संबंधित कार्यों में प्रतिभाग किया जाता है।
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सीएम फेलोशिप योजना के माध्यम से जिला के पिछड़े तीनों ब्लॉकों में 50 पैरामीटरों को पूरा करने पर काम किया जा रहा है। योजना नवंबर 2023 में शुरू हुई थी, इसके बाद से ही लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ब्लॉकों को पिछड़ापन से उभारा जा सके।
प्रदीप कुमार, प्रभारी नोडल अधिकारी सीएम फेलोशिप,
जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी