चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने उतर रहे प्रत्याशियों के खर्च की सीमा 28 लाख रुपये तय कर दी है। ऐसे में चुनाव प्रचार के लिए अधिक वाहनों की अनुमति और करोड़ों रुपये का चुनाव खर्च दिखाने के लिए दलों ने नया फंडा निकाल लिया है। जिले के तीन प्रत्याशियों ने अपनी पत्नियों को अपनी ही विधानसभा क्षेत्र से अपने खिलाफ नामांकन दाखिल करा कर चुनाव मैदान में उतारा है।
एटा विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी जुगेंद्र सिंह यादव ने अपनी पत्नी रेखा यादव को निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में नामांकन दाखिल कराया है। रेखा अपने पति के खिलाफ एटा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार होंगी। अलीगंज विधानसभा सीट पर विधायक रामेश्वर सिंह यादव ने अपनी पत्नी राममूर्ति यादव को निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में नामांकन दाखिल कराया है।
राममूर्ति अपने पति के खिलाफ अलीगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में किस्तम आजमाएंगी। इसके अलावा एटा विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी गजेंद्र सिंह चौहान उर्फ बबलू ने अपनी पत्नी कमलेश का निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में नामांकन दाखिल कराया है। कमलेश अपने पति के खिलाफ एटा विस क्षेत्र से चुनाव मैदान में किस्तम आजमाएंगी। आरओ सदर रवि श्रीवास्तव का कहना है कि प्रत्याशी को चुनाव प्रचार के लिए केवल तीन वाहनों की अनुमति मिलेगी। जबकि रैली या रोड शो में दस से अधिक वाहन नहीं हो सकते। आरओ ने कहा कि हर प्रत्याशी की गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। जांच या चेकिंग के दौरान अधिक वाहन मिले तो उनके चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।