मिरहची। ग्राम पंचायत आलमपुर निवासी एक वद्ध महिला 9 वर्ष से पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है। आज तक प्रमाण पत्र नहीं बन पाया। पंचायत से लेकर ब्लाॅक, तहसील और जिला मुख्यालय तक उसे कोरा आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
शीला देवी ने बताया कि पति सत्यपाल का निधन वर्ष 2015 में हो गया था। विभिन्न योजनाओं के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य है। इसे बनवाने के लिए 9 वर्ष से पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक के चक्कर लगा रही हूं। किसी अधिकारी-कर्मचारी के पास जातीं हूं तो वह एक दूसरे के पास जाने की बात कहकर टाल देते हैं। ग्राम प्रधान व सचिव ब्लाॅक में प्रमाण पत्र बनने की कहते हैं। जबकि ब्लाॅक कर्मी तहसील बता देते हैं।
बताया कि जब तहसील पहुंची तो ब्लाॅक में ही प्रमाण पत्र बनाए जाने की बात कहकर लौटा दिया गया। प्रमाण पत्र बन जाता तो विधवा पेंशन का लाभ मिल जाता और जीवन-यापन में कुछ मदद हो जाती। खंड विकास अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि पीड़िता ब्लॉक आकर हमसे नहीं मिली है। ऐसा है तो तत्काल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कराया जाएगा।