एटा/जलेसर/अलीगंज। जिले में सोमवार को दोपहर बाद अचानक ही मौसम का मिजाज बदल गया। शहर में ठंडी हवा के साथ ही देर शाम बूंदाबांदी होने लगी। वहीं जिले के कुछ अन्य स्थानों पर आंधी के साथ बरसात भी हुई।
बेमौसम बरसात के चलते जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी। धान व बाजरा की कटाई चल रही है अगर ऐसे में बरसात ज्यादा होती है तो काफी नुकसान होगा। इसके अलावा शहर के रामलीला मैदान में चल रही रामलीला के आयोजकों को भी बरसात का डर सता रहा है। पिछले वर्ष भी जब बरसात हुई तो रामलीला का मंचन सही तरीके से नहीं हो पाया था। कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अभी बूंदाबांदी से किसी भी फसल को कोई नुकसान नहीं है। लेकिन अगर बरसात बढ़ती है तो धान व बाजरा की पकी हुई फसल को नुकसान होगा।
इसके साथ ही जलेसर में भी शाम के समय ठंडी हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। अलीगंज में दोपहर के बाद अचानक से तेज हवाएं चलने लगीं। जिसकी वजह से धूल के गुबार उड़ने लगे। तेज आंधी के साथ साथ बारिश होने लगी। बारिश होने के बाद में आम जनमानस को तो गर्मी से राहत मिली। लेकिन छुट्टी के समय बारिश के चलते स्कूली बच्चों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। श्री रामलीला मैदान पर 5 दिन से साफ सफाई और मैदान को समतल करने के लिए जेसीबी चलाई जा रही है। बरसात होने की वजह से मैदान के कुछ हिस्सों में पानी जमा हो गया।