एटा। थाना मिरहची के गांव आलमपुर में 14 मई को हुए बालक की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह आगरा भेजा है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और मृतक घटना से लगभग 10 दिन पूर्व घर के अंदर छुपम-छुपाई खेल रहे थे। जिस कमरे में दोनों आरोपी छुपे थे, उसी में एक बालिका भी थी। जिसके साथ कुछ गलत हरकतें करते हुए मृतक ने इन दोनों को देख लिया था। उसके बाद से ही ब्लैकमेल करने लगा था।
सीओ सदर संजय कुमार ने बताया कि घटना के बाद मृतक के परिजन या गांव के अन्य कोई लोग पुलिस का सहयोग नहीं कर रहे थे। जांच के दौरान सभी को विश्वास में लेकर आगे की कार्रवाई की गई, तो सामने आया कि जब 3 बालक साथ ही शौच क्रिया को गए थे तो हमलावर ने एक बालक को ही क्यों मारा। शेष दोनों के ऊपर हमला क्यों नहीं किया गया। गहनता के साथ जांच-पड़ताल की तो दोनों बालकों ने बार-बार बयान बदला।
जिस प्रकार से एक बालक के हाथ में चोट थी वह भी संदेह पैदा कर रही थी। बुधवार को जब दोनों बालकों को बुलाकर कड़ाई के साथ पूछताछ की गई तो घटना की असली वजह निकलकर सामने आई। मृतक ब्लैकमेल करने के साथ ही दोनों से आएदिन रुपये मांगता था। घटना से एक दिन पूर्व 5000 रुपये मांगे कि दिल्ली जाना है, नहीं दोगे तो सबको बता दूंगा।
इसी के बाद दोनों ने योजना बनाकर शाम को सब्जी काटने वाला चाकू घटनास्थल पर पहुंचाया और अगले दिन सुबह मृतक को साथ ले जाकर आम के बाग के पास चाकू व पत्थर से प्रहार कर हत्या कर दी। बृहस्पतिवार को दोनों बालअपचारियों को गिरफ्तार कर किशोर न्यायालय में पेश किया गया। जिसके बाद वहां से बाल सुधार गृह आगरा भेजा गया है।