मलावन स्थित अस्थायी गोशाला में खड़ीं कमजोर गाय। संवाद
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एटा। मलावन स्थित अस्थायी गोशाला में दो दिन से भूसा समाप्त है। गोवंशों के लिए केवल हरे चारे का सहारा है। वहीं ठेकेदार द्वारा 17 क्विंटल चारा भेजा जा रहा है, जो 350 गोवंशों के लिए नाकाफी है और उनको पेट भर चारा नहीं मिल पा रहा है।
निराश्रित गोवंश सड़कों पर न भटकें, इसके लिए कई जगह अस्थायी गोशाला बनवाई र्गइं हैं। मलावन की अस्थायी गोशाला में वर्तमान में 350 गोवंश आश्रित हैं। इनमें से तीन गोवंश बीमार हैं, लेकिन उनका इलाज नहीं किया जा रहा है। वहीं बारिश के कारण गोशाला में दलदल की स्थिति है। भूसा समाप्त हो चुका है। ठेकेदार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हरे चारे में भी कंजूसी की जा रही है। दोनों समय में 28 क्विंटल चारे की जरूरत है, लेकिन ठेकेदार द्वारा कभी 17 तो कभी 18 क्विंटल ही चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
कमजोर हैं गोवंश
गोशाला में गोवंशों को भरपेट चारा न मिलने के कारण वह काफी कमजोर हैं। नाम न छापने की शर्त पर यहां तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि गोशाला में भूसा काफी दिनों से नहीं है। गोवंशों को भरपेट चारा नहीं मिल रहा है। जिसके चलते वह कमजोर हो रहे हैं।