एटा। मानसून की बारिश शुरू होते ही खाली प्लाॅट में जमा गंदगी से डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियां फैलने का खतरा पैदा गया है। स्थानीय लोग खाली प्लाॅटों में ही कूड़ा डाल देते हैं। इसकी वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। मुश्किल यह कि गंदगी हटाने तथा दवा छिड़काव की कोई योजना भी नगर पालिका की ओर से नहीं बनाई गई है।
शहर के शांतीनगर, भारतीनगर, आंबेडकर नगर, श्यामनगर, जगन्नाथपुरी सहित अन्य भी कई ऐसे इलाके हैं जहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग आसपास के खाली प्लाॅट में घरों का पानी और कूड़ा बहा रहे हैं। उसी में सूखा कूड़ा भी फेंक रहे हैं। इसकी वजह से डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
खाली प्लाॅट में कूड़ा डालने को लेकर अक्सर विवाद भी होता है। वहीं लोगों का कहना है कि गर्मी में मच्छरों से कुछ राहत रही, लेकिन बारिश शुरू होने के साथ प्रकोप फिर से बढ़ने लगा है। इसकी वजह खाली प्लाॅटों में पड़ा कूड़ा है। ऐसे में जब तक सफाई कराने तथा नियमित एंटी लार्वा के छिड़काव की व्यवस्था नहीं की जाती। तब तक संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना ही रहेगा।