एटा। कृषि विभाग में यंत्रों के वितरण व अनुदान को लेकर भारी गोलमाल किया गया है। इसकी शिकायत एक किसान ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित जिलाधिकारी से की गई है। इसका जिलाधिकारी की ओर से गंभीरता से संज्ञान लिया गया और जांच समिति गठित की गई है। शिकायत करने वाले किसान को दबाव में लेने के लिए कृषि अधिकारी गांव पहुंचे हैं और समझौता करने के लिए धमकाया गया। इससे साफ है कि विभागीय अधिकारियों की ओर से बडे स्तर पर गोलमाल किया गया है, इसकी वजह से किसान पर समझौता का दबाव बनाया जा रहा है।
उप कृषि निदेशक रोताश कुमार और कार्यालय में यंत्र वितरण पटल को देख रहे बाबू पुष्पेंद्र कुमार की शिकायत किसान भीकम सिंह निवासी जिन्हैरा ब्लॉक मारहरा की ओर से की गई है। शिकायत में कहा गया कि पटल बाबू ने डीडी कृषि के साथ मिलकर अपने भाई की फर्म बनाकर कृषि उपकरणों की खरीद के बिल बनवाए गए हैं। यंत्रों को दोगुनी कीमत के बिल बनाकर सरकारी रकम का बंदर बांट किया गया है। बता दें कि कृषि विभाग की ओर से अनुदान पर किसानों को उपकरण दिए जाते हैं, इनमें ट्रैक्टर से लेकर रुटावेटर, हैरो आदि आदि यंत्र शामिल हैं, इनकी लाखों रुपये कीमत होती है।
किसान की शिकायत के बाद उच्चाधिकारी किसान पर शिकायत वापस लेने और समझौते का दबाव बनाने लगे हैं। किसान भीकम सिंह ने बताया कि एडीओ कृषि मारहरा महेंद्र सिंह घर पहुंचे और उसको शिकायत में समझौता करने का दबाव बनाया गया। बाद में इन्कार करने पर चले आए, कहा कि अधिकारियों ने भेजा है।
वहीं एडीओ कृषि ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर किसान के घर पर गया था। शिकायत में समझौता करने की बात कही गई है, धमका कर दबाव बनाने जैसी कोई बात नहीं है। किसान ने समझौता करने से मना कर दिया तो मैं वापस आ गया।