एटा। पांच बहनों के बीच इकलौते भाई की सर्पदंश से मंगलवार की देर शाम मौत हो गई। परिजन पहले इधर-उधर इलाज कराते रहे। हालत ज्यादा खराब होने पर मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाद में जुटे बायगीरों ने बच्चों के काटने वाले सर्प को पकड़ लिया और अपने साथ ले गए।
थाना जसरथपुर क्षेत्र के गांव नगला हिंदू निवासी रामनरेश के पुत्र रमन (6) की मौत हुई है। परिवार के ही मनोज कुमार ने बताया कि पिता-पुत्र मंगलवार की शाम करीब पांच बजे गांव से बाहर खेतों में बनाए गए कूप (बुर्जी) से भूसा निकालने गए थे। यहां पर रमन को सर्प ने काट लिया। इसके बाद चीखते-चिल्लाते रामनरेश बेटे को लेकर गांव में पहुंचे।
तब पड़ोस के ही गांव नगला संटू पटौर में रहने वाले बायगीर को दिखाया। यहां पर करीब दो घंटे तक इलाज चला लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। हालत खराब होने पर अन्य बायगीरों को भी बुलाया। स्वास्थ्य लाभ न मिलने पर देर शाम मेडिकल कॉलेज लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने मृत बता दिया।
पांच बहनों में इकलौता था रमन
गांव के ही रिश्ते के चाचा मनोज ने बताया कि सबसे बड़ी सीरियल, इसके बाद छवि और फिर रमन का जन्म हुआ था। इससे छोटी छाया, राधा और ललिता हैं। पुत्र के लिए सर्प काल बनकर आया। उसे बायगीर पकड़कर ले गए हैं।