गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोड पड़ने के चलते ट्रांसफार्मरों के फुंकने का
सिलसिला भी शुरू हो गया है। वहीं शहर में विभिन्न इलाकों में खुले में रखे
ट्रांसफार्मर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। इनके चारों ओर विभाग ने
फ्रेंसिंग की कोई व्यवस्था नहीं की है। हालांकि विभागीय अधिकारियोें का
कहना है कि ट्रांसफार्मरों पर लोड ज्यादा न पड़े इसे देखते हुए इनके पास
अतिरिक्त 100-100 केवी के 86 ट्रांसफार्मर रखवाए गए हैं।
तेज गर्मी पड़ने के चलते घर, दुकानों में एसी, कूलर चल रहे हैं। इसके
चलते ट्रांसफार्मरों पर भी लोड पड़ रहा है। क्षमता कम है और लोड ज्यादा।
इससे वह इसे सहन नहीं कर पा रहे और फुंक रहे हैं। गत दिनों प्रेमनगर चौराहे
पर लगा ट्रांसफार्मर रात को धू-धू कर जल उठा। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड
की गाड़ी ने आग पर काबू पाया। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी ऐसी घटना हो
चुकी है। गांव देहात में फुंकने वाले ट्रांसफार्मर तो कई-कई महीने तक बदले
तक नहीं जा रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में एसी, कूलर
आदि चलने के कारण लोड ज्यादा पड़ने से केबल गर्म हो जाती हैं। इससे तार
आपस में चिपकने से ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। इसी के चलते विभाग द्वारा
लोड ज्यादा न पड़े इसलिए 100-100 केवी के 86 ट्रांसफार्मर अतिरिक्त रखवाए
गए हैं। पूरे शहर में 350 ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं।
दूसरी ओर, शहर में
जगह-जगह रखे लगभग 35 ट्रांसफार्मर ऐसे हैं जिनके चारों ओर सुरक्षा की
दृष्टि से फ्रेंसिंग नही हो रही है। खुले में रखे यह ट्रांसफार्मर हादसों
को न्यौता दे रहे हैं। उपखंड अधिकारी प्रथम गोपीचंद्र भास्कर का कहना है कि
ट्रांसफार्मरों के आगे फ्रेंसिंग कराए जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही
है, जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा।
देखो यह बिजली का खेल रोस्टर हो गया फेल
कस्बा
में 15 दिन से बिजली की अव्यवस्था चल रही है और विभागीय अधिकारी सोए हुए
हैं। इसके चलते उपभोक्ताओं को गर्मी के मौसम में परेशानी हो रही है, वहीं
बिजली से चलते वाले उपकरण भी शोपीस बन रहे हैं। बिजली न मिलने से लोगों में
रोष है। अवधेश, डा. रूपराम वर्मा, चंद्रपाल सिंह, वीरेश, मुनीश, लाखन सिंह
आदि ने बैठक में रोष जताया।