एटा/अलीगंज। मानवाधिकार हनन के मामले की जांच करने मंगलवार को आयोग का एक दल सीनियर आईपीएस अधिकारी की निगरानी में अलीगंज पहुंचा। आयोग की टीम ने शिकायतकर्ता डाॅ. योगेश जैन की लिखित शिकायत का संज्ञान जांच पड़ताल की और साक्ष्य जुटाए। करीब दो घंटे तक आयोग के सीनियर अधिकारी आईपीएस पाटिल केतन ने शिकायतकर्ता से बंद कमरे में पूछताछ की और प्रत्यक्षदर्शियों के भी बयान दर्ज किए। एफआईआर के मामले में तत्कालीन अलीगंज थाना प्रभारी पंकज मिश्रा और जांच अधिकारी संजय सिंह को भी आयोग ने तलब किया और बयान दर्ज किए।
शिकायत कर्ता योगेश जैन का आरोप है कि कोरोना काल में उनके द्वारा जैन मुनि विद्यासागर महाराज पर एक कमेंट किया गया था । जिसके विरोध में मुनि निंदक होने का आरोप लगाकर मध्यप्रदेश के भोपाल, टीकमगढ़ ,विदिशा, सागर सहित कई जगह जैन मुनि के अनुयायियों ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। एफआईआर के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस ने सादा वर्दी में अलीगंज स्थित फैक्ट्री पर छापा मारकर जबरिया गाड़ी में ठूंस कर ले जाया गया। इस दौरान मध्य प्रदेश पुलिस ने मारपीट की और अभद्र व अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि उनका मुनि निंदा करने के आरोप में एनकाउंटर करने का भी प्रयास किया गया था। मध्य प्रदेश की जेलों में मानसिक रूप से टार्चर किया गया । हालांकि कुछ समय बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुनि निंदा का आरोप खारिज करते हुए एफआईआर रद्द कर दी थी।
शिकायतकर्ता ने मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से किए गए उत्पीड़न की शिकायत मानवाधिकार आयोग दिल्ली में दर्ज कराई थी। जांच दल में शामिल सीनियर आईपीएस पाटिल केतन के साथ एक डिप्टी एसपी और एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी मौजूद रहे।
सीओ अलीगंज सुधांशु शेखर ने बताया कि आयोग की टीम आई थी, शिकायतकर्ता से पूछताछ की गई और अन्य के भी बयान दर्ज किए गए हैं। मेरी भी अनौपचारिक वार्ता हुई है।