एटा। शहर में राजकीय महाविद्यालय की आस एक बार फिर टूट गई। लोगों को उम्मीद थी कि इस बार राजकीय महाविद्यालय को लेकर ध्यान दिया जाएगा। क्योंकि सरकार द्वारा शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसको लेकर काफी उम्मीदें लोगो ने जोड़ रखी थीं। शिक्षकों का कहना है कि बजट शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा है, लेकिन राजकीय विद्यालय मिल जाता तो उच्च शिक्षा को मजबूती मिलती। हर बार लोगों को उम्मीद रहती है कि सदर तहसील क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय बनेगा। वर्षों की आस पूरी नहीं हो पा रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से पेश किए गए बजट को शिक्षा के क्षेत्र में भी अच्छा बताया जा रहा है। शिक्षकों ने बताया कि शिक्षा के अधिकार में बजट को बढ़ाया गया है। इससे दुर्बल वर्ग के लोगों को अधिक लाभ मिलेगा। जिले में भी इसका लाभ देखने को मिलेगा। परिषदीय विद्यालयों में नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका भी फायदा जिले के लोगों को मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा की बात करें तो सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए बजट दिया गया है।
जिले में 54 विद्यालय संचालित है। इसका लाभ जिले के विद्यालयों को मिलेगा। उच्च शिक्षा में मायूसी हाथ लगी है। उच्च शिक्षा में सदर तहसील क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय की आस थी वह पूरी नहीं हो पाई है। अगर एक महाविद्यालय मिल जाता तो उच्च शिक्षा को मजबूती मिल जाती। कौशल विकास में भी सरकार द्वारा बजट दिया गया है। इससे प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार के अवसर मिलेंगे। व्यवसायिक शिक्षा में जिस तरह से बजट दिया है। इससे व्यवसायिक शिक्षा की लैब में सुधार होगा।