एटा। कोतवाली नगर में सोमवार की शाम को हंगामा करने वाले सुनील यादव निवासी शीतलपुर के खिलाफ अब एक मुकदमा पुलिस की ओर से भी दर्ज कराया गया है। आरोपी ने सारी हदें पार कर निर्वस्त्र होकर शर्मनाक हरकतें की थीं, इसकी वजह से महिला आरक्षियों को सिर झुकाकर बैठना पड़ा था। पुलिस का कार्यखास होने की वजह से खुली छूट दी गई थी जो अब पुलिस के लिए ही भारी पड़ती जा रही है।
शहर में ही स्थित सुनहरी नगर पुलिस चौकी के बने सरकारी आवासों में रहने वाले सुनील के खिलाफ पहला मुकदमा दीपक निवासी भगीपुर ने दर्ज कराया है। जबकि दूसरा मुख्य आरक्षी दलजीत सिंह की ओर से लिखाया गया है। पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमा में कहा गया कि कोतवाली परिसर में ही गाली-गलौज कर तोड़ फोड़ की और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। सूत्रों की मानें तो युवक काफी समय से पुलिस का कार्यखास है, इसी वजह से सुनहरी नगर पुलिस चौकी आवासों में रहता आ रहा है।
शहर पुलिस पूरा संरक्षण देती आ रही थी और किसी भी अनैतिक कार्य में आगे कर दिया जाता था। यही वजह रही कि उसके हौसले बुलंद थे और उसने अपने आगे किसी को कुछ नहीं समझा। पुलिस कर्मियों को कोतवाली परिसर में खुलेआम गाली-गलौज की गई और धन उगाही कर देने की बात भी कही गई, लेकिन पुलिस का कार्यखास होने की वजह से पूरे मामले पर पर्दा डाले जाने का प्रयास किया जाता रहा।
आरोपी ने अपने सारे कपड़े उतारकर शर्मनाक हंगामा किया, इसकी वजह से महिला आरक्षियों को भी अपना सिर झुकाना पड़ गया। अब इस मामले में अधिकारी जांच कर कार्रवाई करने की सफाई दे रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक निर्दाेष सिंह सेंगर ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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पुलिस कार्रवाई होते देख बिफरा था युवक
सुनील यादव शहर से ही सटे गांव शीतलपुर का रहने वाला है। पहले वह मैक्स पिकअप चलाकर डग्गेमारी करता था, लेकिन बाद में पुलिस के संपर्क में आया तो कार्यखास बन गया। जब पुलिस उसकी है तो किसी से क्यों डरे। इसी गलतफहमी में उसने नाश्ते की ठेल लगाने वाले को पीटा, जब पुलिस कार्रवाई हुई तो कोतवाली परिसर में ही बिफर गया और जमकर हंगामा किया गया।