एटा। जिले में पोषण एवं बाल विकास सेवाओं को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही तीन मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इन केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के लिए एक बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि जलेसर क्षेत्र में दो और अवागढ़ में एक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने हैं। जलेसर के कोसमा और बिचपुर में प्रस्तावित दोनों केंद्रों पर 27.80 लाख रुपये की लागत आएगी जबकि अवागढ़ के पुनेहरा में बनने वाले केंद्र पर 30.22 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सभी केंद्रों के लिए पहली किस्त के रूप में 10-10 लाख रुपये की धनराशि जारी हो गई है जिससे जल्द ही निर्माण की रूपरेखा को धरातल पर उतार दिया जाएगा। कहा कि इन मॉडल केंद्रों को उच्च गुणवत्ता वाले ढांचे व आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ तैयार किया जा रहा है। भवनों में बेबी शौचालय, बाल भौतिक शौचालय, मल्टीपर्पज हॉल, किचन शेड, स्टोर रूम व विस्तृत बरामदा बनाया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के खेलने और गतिविधियों के लिए आकर्षक लॉन भी विकसित होगा। अधिकारी ने बताया कि मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य लाभार्थियों को सुविधाजनक, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। बच्चों के पोषण, प्री-स्कूल शिक्षा, महिलाओं में जागरूकता कार्यक्रम और किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों को इन सुधारित केंद्रों के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। जिसका निर्माण पीडब्लूडी की ओर से कराया जाएगा पहले चरण की धनराशि जारी होने से अब कार्य में तेजी आएगी और आने वाले महीनों में ये मॉडल केंद्र तैयार होंगे।