जिले के लोग सुबह से रेल बजट पर नजर लगाए हुए थे। रेल बजट में एटा को जितनी उम्मीद थी उतना नहीं मिला है। रेल विस्तार की तस्वीर अभी धुंधली है लेकिन सांसद राजवीर सिंह के दावे पर गौर करें तो एटा-कासगंज, एटा-अलीगढ़ और कासगंज-अलीगढ़ रेल मार्ग के विस्तार के प्रस्ताव को रेल बजट में शामिल कर लिया गया है। इस पर काम कब से शुरू होगा अभी स्पष्ट नहीं है। रेल विस्तार के लिए आंदोलन कर रही समिति और भाजपा कार्यकर्ताओं को 2800 किमी नया ट्रैक बिछने की घोषणा में एटा को भी कुछ मिलने की संभावना दिख रही है।
बताते चलें रेल विस्तार के लिए जिले के लोगों ने आंदोलन शुरू किया था। हस्ताक्षर अभियान, धरना-प्रदर्शन के साथ-साथ चार महीने से ट्विटर, फेसबुक, व्हाटएप पर चल रहे आंदोलन के बाद एटा में रेल विस्तार की उम्मीद थी। गुरुवार को दिन भर टीवी स्क्रीन पर आंखे जमाए बैठे लोग उस वक्त मासूम दिखे जब रेल बजट एटा के लिए साफ तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई। आंदोलन समिति ने ठंडी सड़क स्थित धर्मशाला में बड़ा स्क्रीन लगाकर रेल बजट का प्रसारण नगरवासियों के साथ देखा। स्थानीय लोग इस बार रेल बजट में एटा-अलीगढ़, एटा-कासगंज के बीच रेल विस्तार के अलावा आगरा-एटा के बीच डीएमयू परिचालन की घोषणा रेल बजट में होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। आंदोलन समिति के सदस्य युवा व्यापारी अनुज प्रकाश गुप्ता कहना है कि 2800 किमी नई रेल लाइन बिछाने की घोषणा में एटा को जगह मिल सकती है। भाजपा जिला अध्यक्ष डा. दिनेश वशिष्ठ का दावा है कि सांसद राजवीर की पहल पर एटा-कासगंज और अलीगढ़-एटा रेल विस्तार के प्रस्ताव को रेल बजट में शामिल कर लिया गया है।