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Etah News: किशोरी की खुदकुशी के मामले में दोषी को 25 साल की कैद

Fri, 18 Jul 2025 10:53 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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एटा। करीब तीन साल पहले दुष्कर्म के बाद एक किशोरी ने खुदकुशी कर ली थी। मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सारिका गोयल ने दंडादेश जारी किया। दोषी पाए गए सनी निवासी गांव खिरिया नगरशाह थाना जैथरा को 25 साल के कारावास से दंडित करने का आदेश दिया है।
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मामला जैथरा थाना क्षेत्र के एक गांव का था। किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 18 अप्रैल 2022 को उनके ससुर की मृत्यु होने पर पत्नी के साथ ससुराल गए थे। दो लड़के दिल्ली में ऑटो चलाते हैं। 16 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। 19 अप्रैल 2022 को शाम करीब 5 बजे वह ससुराल से वापस आए। खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला। भतीजा पड़ोसी की छत से होकर घर के अंदर गया तो देखा कि सनी उसकी पुत्री के साथ जबरन गलत काम कर रहा है। भतीजे की सनी से हाथापाई भी हुई। इस बीच सनी दरवाजा खोलकर वहां से भाग गया।
सभी लोग उसका पीछा करते हुए भागे। इस बीच किशोरी ने सनी की हरकत के चलते बेइज्जती व बदनामी के डर से फंदा लगाकर जान दे दी। मामले में विवेचना पूरी कर पुलिस ने सनी के विरुद्ध अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। यहां दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य, गवाह आदि का परीक्षण कर अदालत ने फैसला सुनाया।
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25 साल के कठोर कारावास सहित 1.10 लाख रुपये अर्थदंड से भी दंडित करने का आदेश दिया। ये पूरी धनराशि मृतका के पिता को दी जाएगी। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक साल के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा

संवाद न्यूज एजेंसीएटा। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नरेंद्र पाल राणा ने फैसला सुनाया। दोषी वीपी सिंह निवासी कुबेरपुर थाना रिजोर को 20 साल के कारावास से दंडित करने का आदेश दिया है।
थाना सकरौली में मामले की रिपोर्ट किशोरी के पिता ने दर्ज कराई थी। इसके अनुसार 8 अगस्त 2019 को उसकी 16 वर्षीय पुत्री सुबह करीब 4 बजे घर से चली गई थी। एक मोबाइल नंबर दते हुए संबंधित युवक पर बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया।
पुलिस ने जांच-पडताल करते हुए किशोरी को बरामद किया और उसके बयान के आधार पर वीपी सिंह के विरुद्ध अपहरण के साथ ही दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाकर विवेचना कर अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने पर वीपी सिंह को दोषी पाया गया।
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30 साल के कठोर कारावास के साथ ही 1.10 लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित करने का आदेश दिया गया है। इसकी आधी धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर दी जाएगी।
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