जलेसर। एनएचएआई आगरा के एक्सईएन रवींद्र कुमार जायसवाल के अनुसार जलेसर होते हुए आगरा-बरेली हाईवे परियोजना रद्द नहीं की गई है। इसका सिर्फ टेंडर निरस्त किया गया है। उन्होंने कहा टीटीजेड क्षेत्र में परियोजना होने पर कुछ जटिल समस्याएं आने पर काम में देरी होने पर ढाई साल पहले हुए टेंडर को निरस्त किया गया है।
उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सड़क निर्माण को काटे गए पेड़ों की संख्या के दस गुना पेड़ लगाए जा चुके हैं। इन पेड़ों को वन संरक्षित क्षेत्र में परिवर्तित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा प्रदूषण विभाग से भी अनुमति मिलना बाकी है। इन सभी बाधाओं के कारण परियोजना में देरी हुई।
ढाई साल पहले हुए टेंडर के समय से सामग्री की दरों में काफी वृद्धि हो चुकी है। इसलिए पुराने टेंडर को निरस्त कर सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर नए सिरे से टेंडर कराया जाएगा। उन्होंने बताया नया टेंडर कराने को प्रदेश मुख्यालय को कार्यवाही भेज दी गई है।
स्वीकृति मिलने के बाद और प्रदूषण विभाग से अनुमति मिलने पर नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें तीन माह का समय लगना तय है। उन्होंने बताया इसके लिए क्षेत्रीय विधायक संजीव दिवाकर पूरी तरह प्रयासरत हैं।