एटा। अवागढ़ थानाक्षेत्र में 2015 में हुई नाबालिग को बहला फुसला कर भगाने व लैंगिक हमला करने की वारदात के मामले में अदालत ने मंगलवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल के कारावास व कुल 1.30 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विनय शर्मा ने बताया कि अवागढ़ पुलिस ने कस्बा के मोहल्ला खटीकान निवासी विक्की उर्फ कृष्णा पुत्र राम गोपोल उर्फ मंत्री, रामगोपाल उर्फ मंत्री एवं मुकेश उर्फ पप्पू पुत्रगण जगदीश प्रसाद के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में भेजा। 1 मई 2015 को मामले पर संज्ञान लेने के बाद जब अदालत ने मामले की सुनवाई शुरू की तो अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गवाहों के बयानों के आधार पर एडीजीसी विनय शर्मा के साथ विशेष लोक अभियोजक श्रीकृष्ण यादव ने आरोपों को साबित कराया।
जबकि आरोपियों की ओर से आरोप झूठे बताए गए। इस दौरान यह मामला विभिन्न अदालतों में सुनवाई के लिए ट्रांसफर होता रहा। दौरान मुकदमा आरोपी मुकेश की मौत होने पर उसके खिलाफ कार्यवाही बंद कर दी गई। मामले की सुनवाई पूरी होने पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विकास गुप्ता ने आरोपी विक्की उर्फ कृष्णा को लैंगिक हमले के मामले आदि आरोपों में दस साल के कारावास व कुल 1.30 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि वसूल होने पर आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश भी दिया।