हाड़कंपाती ठंड का कहर तेज होता जा रहा है। मंगलवार को सुबह से बढ़ी गलन से लोग सिहर उठे। लोगों ने अलाव के सहारे दिनभर सदी से राहत पाई। घना कोहरा वाहनों की रफ्तार ही नहीं दिनचर्या को भी प्रभावित कर रहा है। तापमान और गिर गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 13 डिग्री व न्यूनतम 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मंगलवार का दिन ठिठुरन के नाम रहा। घने कोहरे ने सुबह का अहसास ही नहीं होने दिया। पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ऐसे में गलन का कहर दिनभर जारी रहा। दोपहर को हवा ने गलन का कहर और बढ़ा दिया। मौसम के रुख से परेशान लोग नक्षत्रों एवं ज्योतिषीय आंकड़ों का सहारा ले रहे हैं। खगोलशास्त्री व ज्योतिषी भी नक्षत्रों के आधार पर एक पखवाड़े तक ठंड रहने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। इनके अनुसार जनवरी के प्रथम सप्ताह में संभावित बारिश के बाद ठंड का कहर बढ़ेगा।
बाजारों पर भी पड़ रहा असर
ठंड का असर बाजारों में भी दिख रहा है। कारोबारियों का कहना है कि गलन के चलते लोग बाजारों में नहीं आ रहे। वस्त्र विक्रेता विकास जैन, मोहित गुप्ता, संजय भसीन आदि का कहना है कि इतनी ठंड में लोग मजबूरी में ही घरों से निकल रहे हैं। ऐसे में ऊनी बाजार भी प्रभावित हो रहा है। इन दिनों की खरीदारी मफलर, टोपी, इनर तक ही सिमट रही है। दूसरी ओर मंगल बाजार में भी भीड़ कम दिखाई दी।
रबी की फसल के अनुकूल मौसम
लगातार बढ़ रही गलन से जहां जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है, वहीं रबी की फसल के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। किसानों की मानें तो लगातार बढ़ रही ठंड से खेतों में काम करना मुश्किल जरूर हो रहा है, लेकिन खुशी इस बात की है कि इस मौसम से रबी की फसल में पैदावार बढ़ने की उम्मीद अधिक प्रबल हो गईं। दूसरी ओर किसानों को रात में पाला गिरने की चिंता भी सता रही है। पिछले कुछ दिन से रात में हल्का पाला गिरने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। किसानों की चिंता यह है कि यदि पाला अधिक गिरा तो आलू की फसल में झुलसा रोग आ जाएगा।
धनु राशि में सूर्य का संचरण इसकी गरमी तपिश को क्षीण करता है। मकर राशि के 20 अंशों तक यह गलन जारी रहती है। मौसम के आर्द्धस्वभाव के चलते 14 जनवरी तक शीत प्रकोप की प्रबल संभावनाएं हैं। आगामी सप्ताह में दो बार बारिश के भी योग हैं।
- ब्रह्मर्षि डॉ. सुधांशु निर्भय, ज्योतिषाचार्य