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कक्ष निरीक्षक ही नहीं, कैसे रुके नकल

Fri, 20 Feb 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
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बोर्ड परीक्षाओं के लिए मांगे गए परिषदीय शिक्षक-शिक्षिकाएं नहीं मिल रहे। बेसिक शिक्षा परिषद मांग से आधा स्टाफ भी नहीं दे रहा। ऐसे में अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों का टोटा है।

बोर्ड परीक्षाओं में एक बार फिर कक्ष निरीक्षकों की कमी उजागर हो रही है। प्रशासन और जिला विद्यालय निरीक्षक के दावों के बाद भी परीक्षा केंद्रों को शिक्षक नहीं मिल पा रहे। इसका प्रमाण पहले दिन की परीक्षा में ही मिल गया। बताते चलें कि जनपद के 168 परीक्षा केंद्रों पर हो रही परीक्षाओं के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर 1140 परिषदीय शिक्षकों की मांग की थी। लेकिन पहले दिन की परीक्षा में खुली पोल के बाद केंद्रों से मिली सूचनाओं के अनुसार चार सौ शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी केंद्रों पर आमद नहीं कराई है। बताते चलें कि 1140 शिक्षकों की मांग के जवाब में प्राथमिक शिक्षा विभाग ने मात्र 661 शिक्षक-शिक्षिकाओं को ही कार्यमुक्त किया है।
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  विकास खंड                मांगे गए शिक्षकों की संख्या               कार्यमुक्त शिक्षक
   शीतलपुर                        283                                      113
   मारहरा                           95                                        50
  निधौली कलां                     168                                       81
  सकीट                            154                                        77
  जैथरा                              125                                       82
  जलेसर                           100                                        85
  अवागढ़                           76                                        67
  अलीगंज                          139                                      106
 


कहीं खुशी, कहीं गम
शिक्षकों की कमी से परेशान कुछ केंद्र व्यवस्थापक जहां संबंधित अधिकारियों को शिकायत कह रहे हैं। वहीं, दर्जनों विद्यालय संचालक इससे खासे खुश हैं। वे मनचाहे लोगों को ड्यूटी पर लगाने लगे हैं। इतना ही नहीं कुछ केंद्र व्यवस्थापकों ने तो इसकी लिखित अनुमति तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से मांगी है। लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक इसकी स्वीकृति नहीं दे रहे। इनके अनुसार शिक्षकों की कमी दर्शाकर कुछ नकल माफिया नकल कराने वालों को शिक्षकों के रूप में केंद्र पर लगाने की कोशिश में हैं।


शिक्षकों की कमी शीघ्र दूर हो जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पुन: मांग के अनुरूप शिक्षकों को रिलीव करने के लिए कहा गया है। कुछ संस्था प्रमुखों ने अपने स्तर पर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की अनुमति मांगी है लेकिन परीक्षा संचालन में अर्ह शिक्षकों को ही ड्यूटी पर लगाया जाएगा।
- मनोज कुमार गिरि, जिला विद्यालय निरीक्षक, एटा


माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते प्राथमिक शिक्षा विभाग से 1140 शिक्षकों की मांग की गई है। 661 शिक्षकों को रिलीव करने की सूची मिली है। लेकिन केंद्र व्यवस्थापकों के अनुसार अभी तक 400 शिक्षकों ने भी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है।
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- जितेंद्र बाबू, परीक्षा पटल प्रभारी, जिला विद्यालय निरीक्षक

केंद्र पर मोबाइल मिलने पर केंद्र व्यवस्थापक कार्यमुक्त
शिक्षिकाओं से मांगा स्पष्टीकरण, निधौली कलां के सेंट एंड्रूज में हुई कार्रवाई
159 छात्राओं ने छोड़ी गृह विज्ञान परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। परीक्षा कक्ष में मिले मोबाइल पर खफा जिला विद्यालय निरीक्षक ने केंद्र व्यवस्थापक को कार्यमुक्त कर दोनों शिक्षिकाओं से जवाब तलब किया है। साथ ही चेतावनी दी कि केंद्र पर अनाधिकृत व्यक्ति या मोबाइल मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को जिले के 33 परीक्षा केंद्रों पर इंटरमीडिएट गृहविज्ञान की परीक्षा हुई। दो हजार से अधिक पंजीकृत छात्राओं में से 159 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहीं। इस दौरान सचल दलों ने दर्जनभर केंद्रों पर छापामार कार्रवाई की। निधौलीकलां स्थित सेंट एंड्रूज परीक्षा केंद्र पर एक ड्यूटी कर रही दो शिक्षिकाओं के पास मोबाइल मिलने पर जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार गिरि ने इनसे जवाब तलब किया। साथ ही केंद्र व्यवस्थापक नरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया। डीआईओएस ने बताया कि मोबाइल स्विच ऑफ थे। इनकी कॉल डिटेल भी देखी गई तो पुष्टि हुई कि परीक्षा के दौरान इनका प्रयोग नहीं हुआ, लेकिन परीक्षा परिसर में मोबाइल पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
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