मंगलवार को सदर तहसील दिवस में मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा और डीआईजी गोविंद अग्रवाल के अचानक पहुंचने से हड़कंप मच गया। दोनों फरियादियों की समस्याएं सुनीं। साथ ही शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान दोनों ने तहसील का निरीक्षण भी किया।
डीएम अजय यादव और एसएसपी एएस राय मंगलवार अपराह्न तहसील सदर में समस्याएं सुन रहे थे। इसी बीच अचानक मंडलायुक्त और डीआइजी वहां पहुंच गए। मंडलायुक्त ने महावीर सिंह निवासी गढ़िया के मेड़बंदी कराने के प्रार्थनापत्र को गंभीरता से लेते हुए रजिस्ट्रार कानूनगो को चार्जशीट निर्गत करने के निर्देश दिए। तहसील सदर में मंडलायुक्त और डीएम के पास 166 प्रार्थनापत्र आए, जिसमें से महज चार का ही निस्तारण हो सका। डीआईजी गोविंद अग्रवाल, सीडीओ राजेंद्र कुमार, एसडीएम संजीव कुमार, एसडीएम मोहम्मद आवेश, बीएसए एसएस यादव, सीएमओ डा. आरसी पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद शंकर तिवारी आदि मौजूद थे।
तहसील अलीगंज में एडीएम महेश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 40 फरियादी आए, जिसमें से एक का निस्तारण हो सका।
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सीज होंगी प्राइवेट बसें
एटा(ब्यूरो)। तहसील दिवस के दौरान डीएम अजय यादव ने सीओ सिटी को निर्देश दिए कि रोडवेज बस स्टैंड के समीप प्राइवेट बसें खड़ी नहीं होनी चाहिए। यदि कोई बस अनाधिकृत रूप से खड़ी पाई जाए या सवारियां भरती पाई जाएं, तो संबंधित चालक को पकड़कर बस को सीज करने और परमिट निरस्त की कार्रवाई की जाए।