Take vocational training of ITI along with studies
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एटा। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में वोकेशनल प्रशिक्षण लेना आसान हो गया है। आठवीं और 10वीं के बाद आगे की पढ़ाई भी निरंतर चलेगी और बच्चों को मनमाफिक ट्रेड में प्रशिक्षण भी पूरा कराया जाएगा। ऐसे बच्चों को पढ़ाई और प्रशिक्षण के अलग-अलग प्रमाणपत्र भी मिलेंगे। प्रवेश प्रक्रिया में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए सभी आईटीआई में हेल्पडेस्क खोली गई हैं।
राष्ट्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद से मान्यता प्राप्त आईटीआई संस्थानों में आठवीं और दसवीं करने के बाद वोकेशनल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। ऐसे छात्र-छात्राएं जो दो वर्ष का प्रशिक्षण लेंगे, उनको 10वीं में मात्र हिंदी विषय का एक पेपर देना होगा। इसी तरह 10वीं वालों को 12वीं में हिंदी की परीक्षा देनी होगी।
आईटीआई की ज्यादातर ट्रेड दो वर्षीय हैं, इस लिहाज से पढ़ाई के साथ ही प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी साथ में मिलेगा। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यह सुविधाएं जिले की सभी आईटीआई में दी गई हैं। जिनमें 18 ट्रेड शामिल हैं। 31 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। इस बार राजकीय आईटीआई में 844 और निजी संस्थानों में 3936 सीटें दी गई हैं।
जिले में दो महत्वपूर्ण ट्रेड पहली बार शामिल किए गए हैं। इनमें सोलर टेक्नोलॉजी और हेल्थ एंड सेनेटरी इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है। दोनों ही आधुनिक प्रशिक्षण हैं और इन प्रशिक्षणों की वर्तमान में मांग भी ज्यादा बढ़ी है।
आईटीआई प्रशिक्षण लेने वालों के लिए पढ़ाई के साथ प्रशिक्षण की सुविधा दी जा रही है। इस बार दो नए कोर्स शामिल गए हैं। 31 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। प्रवेश प्रक्रिया में कठिनाई आती है तो इसके लिए सभी संस्थाओं में हेल्पडेस्क की व्यवस्था की गई है।
अरविंद कुमार, प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई