बुधवार को कोर्ट में तारीख कर लौटते समय बस स्टैंड पर बंदी पंकज (41) रोडवेज बस के आगे कूद गया। साथ आए पुलिसकर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एएसपी, एसडीएम व कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। अभी तक मृतक के परिवारीजन नहीं पहुंचे हैं।
जिला फीरोजाबाद थाना पचोखरा के गांव गढ़ी निर्भय निवासी बंदी पंकज पुत्र सुरेश पर हत्या और लूट सहित तीन मुकदमे दर्ज थे। एक लूट का मुकदमा थाना अवागढ़ में भी दर्ज था। करीब छह साल से जेल में निरुद्ध पंकज यहां जिला जेल में भी रहा था। अब बदायूं जेल में बंद था। बताते हैं कि बुधवार को डकैती कोर्ट में उसकी पेशी थी। उसे लेकर पुलिस लाइन में तैनात सिपाही दयाल सिंह, अर्जुन सिंह व नरेंद्र सिंह आए थे।
कोर्ट में तारीख होने के बाद दोपहर करीब तीन बजे सिपाही बस स्टैंड पहुंचे, तभी पंकज रोडवेज बस के आगे कूद गया। घबराए पुलिसकर्मियों ने तत्काल थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे जिला अस्पताल ले गई। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं एएसपी विसर्जन सिंह यादव, सीओ सकीट आशाराम अहिरवाल व एसडीएम अजीत कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। बंदी के साथ आए पुलिस कर्मियों ने बताया कि पंकज का दिमागी संतुलन ठीक नहीं था। एटा पहुंचने से पहले भी पंकज ने बस से कूदने की कोशिश की थी, तब बचा लिया गया था।
एक सिपाही के कांपने लगे हाथ
घटना के बाद एक सिपाही के पसीने छूट रहे थे। मोबाइल नंबर लिखने के दौरान उसके हाथ कांप रहे थे। अन्य साथियों के समझाने के बाद भी सिपाही सामान्य नहीं हो पाया।