एटा। मौसम ने बृहस्पतिवार को रात से अचानक करवट बदली। तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। यह सिलसिला शुक्रवार को दोपहर तक जारी रहा। इस दौरान कभी हल्की तेज तो कहीं रुक-रुक की बारिश हुई। तेज हवा के साथ बारिश के चलते से गेहूं की फसल बिछ गई है। इसमें काफी नुकसान हुआ। अलीगंज क्षेत्र में तंबाकू की फसल काफी प्रभावित हुई। वहीं, लोगों को सर्दी का अहसास भी हुआ। तापमान में गिरावट आई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री दर्ज किया गया।शुक्रवार को सुबह हल्की धूप निकलने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी लेकिन थोड़ी ही देर बाद पुन: बादल घिर आए। दोपहर होते-होते शहर में फिर बरसात शुरू हो गई और दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम के बदलाव ने लोगों के दिनचर्या पर असर डाला। बाजारों में भीड़ नहीं दिखी दुकानों पर सन्नाटा रहा और सामान्य गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा। लोगों का कहना है कि दो दिनों से अनियमित बारिश व हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। बच्चे व बुजुर्ग घरों में रहे। सड़कों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही दिखी। बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश से गेहूं की खड़ी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण फसलें खेतों में गिर गईं, जिससे पैदावार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
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किसानों के लिए सतर्कता जरूरी
अवागढ़ कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एसके सिंह ने बताया कि मौसम में यह उतार-चढ़ाव फिलहाल एक-दो दिनों तक और बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों को बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए। कटी फसल को खुले में नहीं छोड़ें। उसे सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें।
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मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग पहले ही जिले के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी कर चुका था। विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले 24 से 48 घंटों तक छिटपुट बारिश और बादलों का दौर बना रह सकता है। लगातार बदलते मौसम ने जहां शहरवासियों को ठंडक का अहसास कराया है। वहीं, किसानों को भारी नुकसान का डर सता रहा है। फसलों पर संकट मंडराने से ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है और लोग आस लगाए हुए हैं कि जल्द मौसम साफ हो जाए।