एटा। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा में नकल के लिहाज से एटा को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। निगरानी की जिम्मेदारी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को सौंपी गई, लेकिन एसटीएफ निगरानी में पूरी तरह फेल नजर आ रही है।
पूर्व में एटा नकल के लिए काफी बदनाम रहा है। ठेके लेकर सामूहिक रूप से नकल कराने के कई मामले पकड़े गए। परीक्षा केंद्र बनने वाले कई विद्यालयों को काली सूची में डाला गया। इसके बाद कुछ सुधार हुआ। हालांकि परीक्षा पूरी तरह नकलविहीन चल रही है, इस पर अब भी संदेह के घेरे बने हुए हैं। इन सब गतिविधियों को देखते हुए शासन ने पूरे जिले को अति संवेदनशील घोषित करते हुए एसटीएफ को निगरानी सौंपी। इसके तहत विभिन्न संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए एसटीएफ को कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है, लेकिन अभी तक जिले में एसटीएफ की ओर से कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसा नहीं है कि परीक्षाओं में सबकुछ सही चल रहा हो।
जैथरा के एक केंद्र पर तो पेपर लीक का पूरा षड्यंत्र ही पकड़ा गया। भले ही शिक्षा विभाग ने गलती बताकर मामले को दबाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने अपनी जांच-पड़ताल में पूरी साजिश खोलकर रख दी। स्कूल प्रबंधक, केंद्र व्यवस्थापक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा सकीट, जैथरा और राजा का रामपुर क्षेत्र में चार फर्जी परीक्षार्थी भी स्थानीय स्तर पर ही पकड़े जा चुके हैं। इनमें एक तो सॉल्वर है, जो हर पेपर का ठेका लेकर किसी अन्य की परीक्षा दे रहा था। डीआईओएस डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से पहले एसटीएफ ने कुछ सूचनाएं मांगी थीं, जो उन्हें उपलब्ध करा दी गईं। ताजा मामलों को लेकर उनकी ओर से कोई संपर्क नहीं किया गया है।