एटा। जिलाधिकारी ने नियम विरुद्ध विनियमितीकरण ठहराते हुए कलेक्ट्रेट के 19 कर्मियों पर कार्रवाई की थी। इनमें से सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन रोकने और वसूली का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने डीएम के आदेश को स्थगित कर तीन लोगों की पेंशन जारी रखने का आदेश दिया है।
कलेक्ट्रेट में 1993 और 1995 में 30 सीजनल सहायक वासिक बाकी नवीसों को विनियमित कर लिपिक बनाया गया था। शिकायत के बाद गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) की जांच रिपोर्ट और शासन के निर्देश पर डीएम ने 23 नवंबर को यह आदेश जारी किया था। इसमें कलेक्ट्रेट के 19 कर्मचारियों को नियम विरुद्ध विनियमितीकरण का दोषी ठहराया गया। सेवारत 4 कर्मियों की बर्खास्तगी तो सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन रोकी गई। सभी से वेतन, पेंशन, फंड आदि की वसूली का आदेश दिया था। बर्खास्त चारों कर्मचारी को हाईकोर्ट से पूर्व में ही स्टे मिल चुका है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी रतनपाल सिंह, परशुराम और वासुदेव ने भी डीएम के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अलग-अलग याचिकाएं प्रस्तुत कीं। न्यायालय ने अगले आदेशों तक डीएम के आदेश को स्टे कर दिया है। वहीं, इनकी पेंशन को माह वार जारी रखने के निर्देश दिए हैं।