एटा। सपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राज किशोर उर्फ राजू को कोतवाली नगर पुलिस ने बृहस्पतिवार को शहर में प्रेम नगर चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में वह पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह के कर्मचारी हैं। तीनों के खिलाफ साजिश के तहत धोखाधड़ी करने का मुकदमा कोतवाली नगर में दर्ज किया गया है। इसमें जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप राजू पर है। जबकि दोनों भाई साजिश में शामिल बताए गए हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात अनंत शर्मा ने तहरीर देकर पूर्व विधायक और दोनों पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें कहा है कि थाना जसरथपुर क्षेत्र स्थित गांव अमृतपुर रघूपुर में संचालित विद्यालय के लिए पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह ने गलत तरीके से विधायक निधि दी थी। जबकि विद्यालय प्रबंधक उनके भाई रामनाथ सिंह यादव थे। 30.50 लाख रुपये सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया। इसकी वसूली के आदेश होने पर 20 जुलाई 2023 को स्टेट बैंक स्थित जिलाधिकारी के खाते में नकद धनराशि जमा की गई। लेकिन चालान जिलाधिकारी के हस्ताक्षर से पास होता है। इस चालान पर राजकिशोर उर्फ राजू ने डीएम के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। इस साजिश में पूर्व विधायक व जुगेंद्र सिंह शामिल थे। अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। पूरे मामले की विवेचना की जा रही है।
आरक्षित सीट पर वर्ष 2016 में बनाए गए थे जिपं अध्यक्ष
अलीगंज विधानसभा क्षेत्र से रामेश्वर सिंह पहली बार 1996 में जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसी कार्यकाल के दौरान पंचायती राज विभाग में संविदा पर कार्यरत राज किशोर उर्फ राजू उनके संपर्क में आए। यहां से नौकरी छोड़कर रामेश्वर व जुगेंद्र सिंह के लिए काम करने लगे। एक मुनीम की हैसियत से आए और बाद में एकाउंटेंट बन गए। वर्ष 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई। सपा नेताओं ने राजू को इस सीट के लिए पार्टी से दावेदार बनाया और वह निर्विरोध अध्यक्ष बन गए। राजू के नाम से दोनों भाइयों के करोड़ों रुपयों का लेन-देन चलता रहा। आज तक वफादारी निभाते-निभाते राजू जेल चला गया।