फरूर्खाबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद मुकेश राजपूत ने प्रदेश के राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
अलीगंज में भाजपा सांसद मुकेश राजूपत ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी को दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार चल रही है वह जंगल राज की निशानी है। पत्रकारों पर अत्याचार, जमीनों पर अवैध कब्जा तथा सरकारी मदद भी चेहरा देख कर दी जा रही है। उन्होंने पूरे प्रदेश में इमरजेंसी लगा दी है। पंचायत चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकते है ऐसी दशा में प्रदेश सरकार को बर्खास्त किया जाना जनता के हित में होगा।
ज्ञापन देने वालों में सत्यपाल सिंह राठौर, पूर्व जिला महामंत्री दिनेशचंद्र गुप्ता, वीरेंद्र प्रताप सिंह, आमोद आर्या, सूर्यकांत गुप्ता, मुन्नालाल राजपूत, राघवेंद्र गुप्ता, राजकुमार सिंह राठौर, मेघसिंह शाक्य, प्रदीप गुप्ता, ज्ञानप्रकाश शाक्य, शिवकुमार तोमर, कुलदीप जादौन, योगेश कुमार आदि लोग उपस्थित थे।
दूसरी ओर जलेसर में भाजपाईयों ने जुलूस निकाल कर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंप कर सरकार की बर्खास्तगी की मांग की। पूर्व एमएलसी प्रत्येंद्र पाल सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार के द्वारा प्रदेश में अराजकता का माहौल उत्पन्न कर दिया है। घटनाओं के निरंतर वृद्धि हो रही है। सत्ता में बैठे नेता आंखें मूंदे बैठे है। विद्युत व्यवस्था के नाम अव्यवस्था हावी है।
इससे पूर्व भाजपा कार्यकर्ताओं ने पथवारी रोड से जुलुस प्रारंभ किया। सरकार विरोधी नारे लगाते हुये तहसील प्रांगण में पहुंचे। जहां उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार आनन्द सिंह को महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। जुलूस का नेतृत्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष भजनलाल कुशवाह ने किया।
इस दौरान सुधीर गौतम, सतेंद्र जादौंन, रामजीलाल राजपूत, महेशपाल सिंह चेयरमैन अवागढ, मनोज वार्ष्णेय, मनोज बजरंगी, संजीव दिवाकर, रवेंद्र सिंह, धर्मेंद्रपाल सिंह, राजेश सरानी, कान्हा वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।
सांसद के समक्ष फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा
अलीगंज। सरस्वती विद्या मंदिर में भाजपा सांसद मुकेश राजूपत को भाजपा कार्यकर्ताओं को गुस्सा का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सांसद अलीगंज विधानसभा क्षेत्र की जनता की समस्या सुनने नहीं आते हैं। विधानसभा क्षेत्र में 65 हजार वोट जनता ने दिया है उनके दुख दर्दो में नहीं आते हैं।