एटा। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए युवक ने 8 माह लंबे उपचार के बाद आगरा के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। इकलौते बेटे की हालत में सुधार न हाेने पर सदमे में आए पिता की 3 जून को मृत्यु हो चुकी है। तेरहवीं संस्कार रविवार को था। 12 दिन में पिता-पुत्र की मौत से परिवार में मातम है।
थाना जसरथपुर निवासी अखिलेश (32) गुड़गांव में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में कैंटर चालक था। 31 अक्तूबर 2024 को वह दिवाली पर अपने अन्य साथियों के साथ लोडर वाहन में सवार होकर आ रहा था। सिकंदराराऊ के पास लोडर से नीचे गिर गया। घायल अवस्था में साथियों ने उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर परिवार के लोग उसे आगरा निजी अस्पताल में ले गए। लंबे उपचार के बाद शनिवार की रात अखिलेश ने दम तोड़ दिया।
मृतक के चाचा संतोष कुमार ने रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि अखिलेश के उपचार में लाखों रुपया खर्च हो गया। बेटे की हालत में सुधार न होने से उसके पिता सूरज सदमे में रहने लगे। 3 जून को उनकी मौत हो गई। रविवार को उनकी तेरहवीं थी, लेकिन इससे पहले ही यह बुरी खबर आ गई। घर में अखिलेश की दिव्यांग मां के अलावा उसकी पत्नी और तीन मासूम बच्चे हैं। अखिलेश ही मेहनत-मजदूरी कर पूरे घर को चलाता था। उसकी मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट के साथ कर्ज का बोझ भी हो गया है। उसकी मां और पत्नी भी सदमे से नहीं उबर पा रहे हैं।