सवा महीने बाद खुले स्कूलों का पहला दिन गपशप और छुट्टियों की चर्चाओं में बीता। स्कूल पहुंचते ही छात्र-छात्राओं ने एक दूसरे से हलो-हाय कर एक दूसरे के हालचाल पूछे। शिक्षक और कर्मचारी समय से पहुंचे। वहीं छात्र-छात्राओं की उपस्थित शत प्रतिशत नहीं रही।
ग्रीष्मावकाश के बाद खुले विद्यालयों में एक बार फिर रौनक लौट आई है। कोई पापा तो कोई मम्मी की उंगली पकड़कर स्कूल पहुंचा। किसी के चेहरे पर जोश और उत्साह तो किसी के चेहरे पर मायूसी दिखी। लंबे समय के बाद सुबह जल्दी जो उठना पड़ा। अभिभावकों के चेहरे पर भी थकान दिखाई दी। विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सफाई व्यवस्थाओं में जुटे नजर आए। काफी दिनों के बाद मिले शिक्षक शिक्षिकाएं हालचाल में व्यस्त रहे। वहीं परीक्षा परिणाम को लेकर भी चर्चाएं होती रहीं। कुछ विद्यालयों में पहुंचे बच्चे हाईस्कूल-इंटर के अंकपत्र की जानकारी करते दिखे। इसके अलावा शिक्षा सत्र की शुरूआत में अपने बच्चों का एडमीशन कराने में लेट हुए तो कुछ अभिभावक एडमीशन की जानकारी ले रहे थे।
छुट्टियों की मस्ती का बताया हाल
लंबे अवकाश के बाद मिले बच्चों ने एक दूसरे को अपनी छुट्टियों की मस्ती एक दूसरे से शेयर की। छात्र-छात्राओं ने एक दूसरे को बताया कि वे छुट्टियों में कहां घूमने गए थे, और क्या मस्ती की थी।