बीएसएफ में तैनात जवान के बलिदान होने की सूचना लेखपाल को एक दिन पूर्व ही मिल गई थी, लेकिन उन्होंने अधिकारियों को यह सूचना 16 जनवरी को सुबह के समय दी। इसके अलावा लेखपाल ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाए बिना ही दाह संस्कार के लिए पार्थिव शरीर के आने से पूर्व ही अन्य भूमि में जेसीबी चलवाकर भूमि का चिह्नांकन करा दिया।
एटा के जलेसर के गांव चुरथरा के बीएसएफ जवान के बलिदान होने की जानकारी देरी से देने पर लेखपाल को निलंबित किया गया है। उच्चाधिकारियों को सूचना दिए बिना जेसीबी चलवाकर भूमि का चिह्नांकन कराने तथा प्रशासन की छवि धूमिल कराए जाने का भी आरोप है। उधर, इस निलंबन में कार्रवाई को लेकर तहसील लेखपाल संघ में रोष है।
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एसडीएम भावना विमल ने बताया कि तहसील क्षेत्र के चुरथरा लेखपाल क्षेत्र पर कौशलेंद्र सिंह तैनात हैं। मणिपुर में तैनात बीएसएफ जवान रमेशचंद्र की मृत्यु होने पर उनका पार्थिव शरीर पैतृक ग्राम नगला केसरी में 15 जनवरी को आना था। जहां उनका दाह संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाना था। जिसकी सूचना लेखपाल को एक दिन पूर्व ही मिल गई थी लेकिन उन्होंने अधिकारियों को यह सूचना 16 जनवरी को सुबह के समय दी।
इसके अलावा लेखपाल ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाए बिना ही दाह संस्कार के लिए पार्थिव शरीर के आने से पूर्व ही अन्य भूमि में जेसीबी चलवाकर भूमि का चिह्नांकन करा दिया। ग्रामवासियों को गुमराह किया गया, जिससे प्रशासन की छवि धूमिल हुई। इसके कारण दाह संस्कार स्थल पर विवाद व तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।
एसडीएम ने बताया कि इसके अतिरिक्त लेखपाल द्वारा वर्तमान में युद्ध स्तर पर चल रहे फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में रुचि नहीं ली जा रही है। शासन स्तर से संचालित विभिन्न योजनाओं के कार्यों को समय से संपादित नहीं किया जा रहा है।
लेखपाल को अपने पदेन दायित्वों में लापरवाही बरतने, बार-बार उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने, शासन स्तर से संचालित विभिन्न योजनाओं से संबंधित लंबित कार्य को समय से पूरा न करने के कारण निलंबित किया गया है। उनको रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है। तहसीलदार जलेसर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।