जेल में निरुद्ध भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें
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मेरे भइया, मेरे चंदा...तू सलामत रहे, कुछ इन्हीं जज्बातों को लिए गुरुवार को जिला कारागार में बहनों का सैलाब उमड़ पड़ा। भाई को राखी बांधकर उसकी सलामती की कामना की। पुलिसकर्मियों ने कड़ी सुरक्षा और तलाशी के बाद बहनोें को जिला कारागार में प्रवेश दिया। जेल अधीक्षक पीपी सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान किसी भी बहन को कोई परेशानी नहीं होने दी गई। राखी बाधने के लिए हरदोई, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, कानपुर, हाथरस, अलीगढ़, मेरठ, बुलंदशहर से बहने जेल में बंद भाईयों को राखी बाधने पहुचीं।
डग्गामार वाहनों ने वसूला मनमाना किराया
जिले के हर रुट पर वाहनों की कमी दिखाई दी। रोडवेज बसें जहां यात्रियों की भीड़ से खचाखच भरी दिखाई दीं। डग्गामार वाहन यात्रियों से मनमाना किराया वसूल कर जेब भरते दिखाई दिए। दिल्ली समेत अन्य मार्गों से आने वाली रोडवेज बसें पहले से हाउसफुल थी जिसके चलते पैर रखने की जगह नहीं बची। डग्गामार बसें, मिनी बस, टेंपो चालक मनमाना किराया वसूलते रहे। वाहनों की कमी के कारण यात्रियों को घंटों वाहनों का इंतजार करना पड़ा। इसके चलते भाई को राखी बाधने जा रहीं बहनों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गुरुवार को प्रशासन और पुलिस ने गुरुवार को किसी डग्गामार वाहन का चालान नहीं किया। यही नहीं सकीट, गंजडुंडवारा, अलीगंज जाने वाले रुट पर भी वाहनों का टोटा दिखाई दिया। यात्री जो वाहन मिला उसी में लटक कर सफर करने को मजबूर रहे।