एटा। जिले के दो छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट से मंडल स्तर में धाक जमाई है। इसके बाद इनका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। इन्होंने परिवहन व्यवस्था और बिजली बचत को लेकर प्रोजेक्ट तैयार किए हैं।
दूसरा प्रोजेक्ट श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में कक्षा 11 के छात्र अंशुल कुमार का है। सेंसर तकनीक पर आधारित प्रोजेक्ट को उन्होंने परिवहन एवं नवाचार नाम दिया है। बताया कि इसके जरिए परिवहन में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। प्रोजेक्ट में लगा स्मार्ट डोर शहर में आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखेगा। कहीं दुर्घटना होने पर अस्पताल में सायरन बजाकर सूचना देगा। इससे उसे समय से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।
हर साल दुनिया में 15 लाख लोग सड़क दुर्घटना के बाद समय से इलाज न मिलने पर जान गंवा देते हैं। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट में ऑटोमेटिक ट्रैफिक लाइट भी शामिल की गई हैं। जो कुशलता से परिवहन संचालन कर सकती हैं। सेंसर तकनीक के इस प्रोजेक्ट का उपयोग स्मार्ट डस्टबिन, रडार सिस्टम, सॉयल मॉइश्चर सेंसर सिस्टम में भी प्रयोग किया जा सकता है।
आईटीआई में द्वितीय वर्ष के छात्र आशुतोष कुमार ने बताया कि उनका प्रोजेक्ट (आरडीनो यूनो) एनर्जी सेविंग सिस्टम एंड्रॉयड तकनीक पर आधारित है। इसके जरिए घर और ऑफिस के पंखे, लाइट आदि विद्युत उपकरणों को स्मार्टफोन से कनेक्ट किया जाएगा। इसके बाद इन्हें मोबाइल से ही बंद-चालू किया जा सकेगा। यह जहां एक ओर स्विच से करंट लगने से बचाएगा। वहीं, आप कहीं से भी विद्युत उपकरणों को बंद कर सकेंगे। इससे बिजली बचेगी। भविष्य में इस प्रोजेक्ट को औद्योगिक क्षेत्र में भी प्रयोग किया जा सकता है।
विज्ञान क्लब के जिला समन्वयक देवेश कुमार ने बताया कि दोनों ही छात्रों के प्रोजेक्ट उच्च स्तर के हैं। जिसके चलते उनका चयन मंडल स्तर पर किया गया है। अब राज्य स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में इन दोनों को प्रतिभाग करने के लिए भेजा जाएगा। इन प्रोजेक्ट को विकसित कर भविष्य में काफी फायदा लिया जा सकता है। संवाद