फोटो-एंबुलेंस कर्मियों पर ऑक्सीजन नहीं लगाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। शहर के मोहल्ला शांतिनगर निवासी दया सिंह (65) की सोमवार की रात करीब 9.30 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। वृद्ध सांस की बीमारी से परेशान थे। परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां से आगरा के लिए रेफर किया गया था। एंबुलेंस में उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन ने ऑक्सीजन नहीं लगाने का आरोप लगाते हुए ईएमटी को पीट दिया।
वृद्ध की बेटी सीमा देवी का कहना है कि पिता को घबराहट हो रही थी। हम लोग रात 9 बजे मेडिकल कॉलेज में लेकर आए। डॉक्टरों ने बीपी चेक किया जो सामान्य से कम था। इसके बाद ऑक्सीजन लगाई गई। चिकित्सकों ने रेफर करने की बात कही तो 108 पर कॉल करके एंबुलेंस मंगा ली। आरोप है कि रेफर करते समय मरीज को एंबुलेंस तक बिना ऑक्सीजन के ले जाया गया। एंबुलेंस में भी 10 मिनट तक ऑक्सीजन नहीं लगाई गई, लापरवाही के चलते पिता की मौत हो गई।
वहीं, लापरवाही का आरोप लगाकर मृतक के परिजन ने एंबुलेंस पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) भुवेनश कुमार निवासी गांव अलसूर थाना जरीफनगर बदायूं को पीट दिया। इसकी वजह से वह घायल हो गया। भर्ती कर उसका उपचार किया गया। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. शिवप्रताप सिंह यादव ने बताया कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। गंभीर हालत होने पर वृद्ध को लाया गया था। एंबुलेंस कर्मियों को बेवजह पीटा गया है।
एंबुलेंस तक पहुंचने से पहले ही हो गई थी मरीज की मौत
एंबुलेंस संचालन अधिकारी अर्जुन सिंह का कहना है कि मृतक के परिवारीजन शराब के नशे में धुत थे। ईएमटी को बेवजह से पीटा गया। चिकित्सक कह चुके थे कि वृद्ध की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी एंबुलेंस कर्मियों पर गुस्सा उतारा। ईएमटी पर हमला करने वालों के खिलाफ तहरीर दी गई है।