स्टेंट बैंक कॉलोनी से शोभयात्रा शुरू हुई। मुख्य यजमान सुनील गुप्ता ने अपने सिर पर श्रीमद्भागवत ग्रंथ को धारण किया। पूजा अर्चना के बाद कलश यात्रा शुरू हुई। कलश यात्रा स्टेंट बैंक कॉलोनी से शुरू होकर नदरई गेट, प्रभु पार्क, रेलवे रोड गंगा देवी धर्मशाला पर पहुंची। जगह-जगह भक्तों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद गंगा देवी धर्मशाला पर कथा शुरू हुई। प्रथम दिन धुन्धकारी, गोकरण की लीला का वर्णन किया। कथावाचक पंडित जवाहर ने कहा कि पापी से पापी मनुष्य को भी श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में कथा का श्रवण करना चाहिए। कथावाचक ने धुंधकारी की कथा सुनाते हुए कहा कि धुंधकारी ने भी अपने जीवन भर पाप किए लेकिन अंत समय भगवान का स्मरण किया उसे भी मोक्ष मिल गया। कलश यात्रा के दौरान संजीव गुप्ता, चिराग गुप्ता, रजनेश, उदय गुप्ता, तनुज, लडडू गोपाल, अनीता गुप्ता आदि मौजूद रहे।