श्रीगंगा देवी माहेश्वरी भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार, रामजन्म, रामकथा, कृष्णजन्म, नंदोत्सव की लीला का वर्णन किया गया। नंदोत्सव की भक्ति में डूबी महिलाएं भजनों पर थिरकती नजर आई।
कथा का शुभारंभ श्रीमद्भागवत कथा की आरती के साथ हुआ। मुख्य यजमान मनोज गुप्ता, मनीषा गुप्ता एवं अन्य भक्तों ने सुबह आयोजित हवन में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दीं। विश्व शांति की कामना की। कथा वाचक मोहन गिरि महाराज ने गजेंद्र मोक्ष की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान अपने भक्त की हर मुसीबत से रक्षा करता है लेकिन अहंकार और मोह माया में फंसा मनुष्य भगवान की मदद क ो समझ नहीं पाता और दुख को प्राप्त होता है। जब भी मनुष्य को कोई दुख होता है तो वह संसारिक लोगों से मदद मांगता है लेकिन संसारिक लोग उसकी मदद के बजाय उसकी हंसी बनाकर उसे हंसी का पात्र बना देते हैं। भगवान उस भक्त की मदद कर उसे जग में मशहूर कर देता है। इस लिए जब भी मदद की आवश्यकता हो तो सिर्फ भगवान से मदद मांगनी चाहिए। उन्होंने दान की महिमा एवं भगवान वामन की कथा का वर्णन किया। इसके बाद श्रीकृष्ण का जन्म होते ही पूरे पंडाल में कृष्ण के जयकारे गूंज उठे। कृष्ण जन्म होते ही पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। नंदोत्सव की बधाईयों में श्रोता भक्त डूब गए। देर सांय तक भक्त कृष्ण भक्ति का आनंद लेते दिखे।
कथा के दौरान राधा, सोनिया, रेनू, उर्वशी, रजनी कोहली, विमला, ब्रजेश सक्सेना, सीमा, कीर्ती, शशि गुप्ता, पायल माहेश्वरी, शिवानी माहेश्वरी, कुलदीप कोहली, सचिन गुप्ता, राजीव माहेश्वरी, विपिन भारद्वाज, शरद गुप्ता, आकाश दीप वर्मा उर्फ रानू, प्रभात गुप्ता, सुनील गौड़ आदि भक्त मौजूद रहे।